हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “बिहार उल अनवार” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:
قال رسول اللہ صلی الله علیه وآله:
وَهُوَ شَهْرٌ أَوَّلُهُ رَحْمَةٌ، وَأَوْسَطُهُ مَغْفِرَةٌ، وَآخِرُهُ عِتْقٌ مِنَ النَّارِ.
पैग़म्बर (स) ने फ़रमाया:
यह एक ऐसा महीना है, जिसका पहला हिस्सा रहमत है, बीच का हिस्सा माफ़ी है, और आखिर में आग से छुटकारा है।
बिहार उल अनवार, भाग 93, पेज 342
आपकी टिप्पणी