हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इस्लामाबाद मिल्लत ए ज़ाफरिया के नेता अल्लामा सय्यद साजिद अली नक़वी ने इस्लामाबाद मे इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास को दौरा किया और ईरानी राजदूत अमीर रज़ा मुक़द्दम से मुलाक़ात की और विश्व के मुसलमानो के नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई आलल लाहो मक़ामोह की शहदात पर संवेदना व्यक्त करते हुए उनके दर्जात की बुलंदी के लिए फ़ातेहा ख़ानी की। इस अवसर पर उन्हे साथ पाकिस्तान की शिया उलेमा काउंसिल के केंद्रीय उपाध्यक्ष अल्लामा आरिफ़ हुसैन वाहेदी, केंद्रीय सूचना सचिव ज़ाहिद अली आख़ूंद ज़ादा और जी बी के पूर्व मंत्री मुहम्मद अली काइद भी उपस्थित थे।
मिल्लत ए जाफ़रिया पाकिस्तान के नेता ने संवेदनी शब्दो मे सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई की धार्मिक, इल्मी, राजनीतिक नेतृत्व को इस्लाम वालो की बुद्धिमत्ता और अंर्तदृष्टिक नेतृत्व करार देते हुए कहा कि सुप्रीम लीडर एक बुद्धिमान विचारक, हकीम और दाना एवंम बहादुर व्यक्तित्व के मालिक थे उनहोने अपनी योग्यता से दुनिया मे इस्लामी क्रांति की प्रणाली के माध्यम से चार चांद लगाए जिससे क्रांति का प्रकाश दुनिया के कोने कोने मे फैलने लगा।
उन्होने आगे कहा कि क्रांति की यही सफ़लता उपनिवेशवाद की आख को नही भाती थी और उनको सय्यद और सालार का पवित्र जीवन से खतरा था। उन्होने कहा कि सुप्रीम लीडर की मजलूमाना शहादत से इस्लामी जगत एक बुद्दिमान और विचारक मुजाहिद से वंचित हो गया।
उन्होने कहा कि इस्लाम के शहीद सुप्रीम लीडर के जाने से इस्लामी जगत मे जो ख़ला पैदा हुआ है वह मुश्किल से पुर होगा हालांकि उन्होने आशा व्यक्त की जिस प्रकार उनके जीवन मे इस्लामी क्रांति परवान चढ़ी उनकी शहादत से क्रांति अधिक प्रकाशमय हुई है और ईरान की इस्लामी क्रांति की प्रणाली इस शहादत से अधिक मज़बूत और शक्तिशाली होगी।
ईरानी राजदूत रज़ा अमीरी मुक़द्दम ने मिल्लत ए जाफ़रिया पाकिस्तान के नेता अल्लामा सय्यद साजिद अली नक़वी की संवेदनात्मक शब्दो का शुक्रिया किया और कहा कि सुप्रीम लीडर की बुद्दिमत्ता से पूर्ण नेतृत्व ने ईरान की इस्लामी क्रांति को दूसरो की तुलना मे सरफ़राज़ रखा है और भविष्य मे भी ईरान का इस्लामी ध्वज ऊंचा रहेगा।


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