हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार, मेरठ बुधवार को हज़रत अब्बास (अ) की याद में शहर के विभिन्न स्थानों पर छोटे-छोटे बच्चों ने सक्का बनकर अलम-ए-मुबारक उठाए। शहर के साथ-साथ ज़ैदी फार्म और लोहिया नगर में आयोजित मजलिसों में हज़रत अब्बास (अ) की शहादत को बयान किया गया और जुलूस भी निकाले गए।
इसी दौरान कोठी अतानक स्थित मौलाना अफज़ल हुसैन (मरहूम) के अजाखाने से अलम-ए-मुबारक का जुलूस सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया, जो हुसैनाबाद स्थित डॉ. इक़बाल हुसैन (मरहूम) के अजाखाने तक पहुंचा। यहां काज़िम हुसैन जैदी (मरहूम) के अजाखाने से तालिब अली ज़ैदी की व्यवस्था में एक और मन्नती अलम इस जुलूस में शामिल हुआ।
इसके बाद यह जुलूस घंटाघर और मनसबिया पहुंचकर सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अंजुमन तंजीम-ए-अब्बास के सफदर अली, काशिफ ज़ैदी, दारैन और ज़िया जैदी ने दर्दभरे नौहे पढ़े। जुलूस की व्यवस्था गजनफर अब्बास और तालिब अली जैदी ने संभाली।
इसके बाद अजाखाना शायक अली (कोटला) से अंजुमन इमामिया का पुराना और पारंपरिक जुलूस-ए-अलम निकाला गया, जो वैली बाजार, छोटी कर्बला से होता हुआ मनसबिया घंटाघर तक पहुंचकर समाप्त हुआ। अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मिया, रविश और मीसम ने नौहे पढ़े।
इसी क्रम में शास्त्री नगर सेक्टर-10 स्थित डॉ. मजहर जैदी (मरहूम) के अजाखाने से भी जुलूस निकाला गया, जो इमामबारगाह पंजतनी तक पहुंचा। इस जुलूस में आतिफ ज़ैदी अपने छह माह के बेटे और बाकर रज़ा अपनी छह माह की नवासी को लेकर शामिल हुए। तपती धूप में मासूम बच्चों की यह झलक देखकर लोगों की भावनाएं गहराई से प्रभावित हुईं और कई अज़ादारों की आंखें नम हो गईं।
ज़ैदी फार्म स्थित इम्तियाज़ हुसैन मंगू (मरहूम) के अजाखाने से अयाज़ हुसैन के प्रबंधन में भी अलम का जुलूस निकाला गया। वहीं आमिर ज़ैदी के नेतृत्व में सेक्टर-10 से एक और जुलूस गुरुद्वारा रोड होते हुए इमामबारगाह पंजतनी पहुंचा। इसके अतिरिक्त सेक्टर-4 के विभिन्न अजाखानों से भी अलम-ए-मुबारक के जुलूस निकलकर शाहजहांलाल हॉल तक पहुंचे।
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