मंगलवार 30 जून 2026 - 07:16
मौलवी सलमान नदवी अपने युग की प्रमुख विद्वान और धार्मिक हस्तियों में गिने जाते थे: मौलाना आरिफ आज़मी

 मौलाना आरिफ़ आज़मी ने भारतीय उपमहाद्वीप के प्रतिष्ठित सुन्नी विद्वान मौलाना सलमान नदवी के निधन पर उनके परिजनों और चाहने वालों को शोक संदेश देते हुए कहा कि मरहूम अपने युग की उन प्रमुख विद्वान और धार्मिक हस्तियों में से एक थे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना आरिफ़ आज़मी का शोक संदेश इस प्रकार है।

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम

इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलैहे राजेऊन

बहुत दुख, पीड़ा और मानसिक खेद के साथ यह दुखद समाचार प्राप्त हुआ कि धार्मिक विद्वान, समुदाय के सुधारक, विचारशील और दूरदर्शी, हज़रत मौलाना सलमान हुसैनी नदवी (र) इस फ़ानी दुनिया से विदा होकर अपने सच्चे पालनहार से जा मिले।

मरहूम अपने युग की उन प्रमुख विद्वान और धार्मिक हस्तियों में गिने जाते थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस्लाम धर्म की सेवा, क़ुरआन और सुन्नत के प्रचार, दावत व तबलीग़, शिक्षा और प्रशिक्षण, मुस्लिम समुदाय की एकता और भाईचारे, तथा वैचारिक और बौद्धिक मार्गदर्शन के लिए समर्पित कर दिया। आपके भाषण, लेखन और सुधारात्मक कार्यों ने भारतीय उपमहाद्वीप सहित पूरे इस्लामी जगत में अनगिनत लोगों को ज्ञान एवं मारीफ़त, संयम, ईमानदारी और धार्मिक चेतना का रास्ता दिखाया। आप हमेशा सच्चाई, दूरदर्शिता, बुद्धिमत्ता, सहनशीलता, धीरज और उच्च चरित्र के समर्थक रहे और अपने व्यवहार और कर्मों से विद्वानों और बुद्धिजीवियों के लिए एक उज्ज्वल उदाहरण छोड़ गए।

निस्संदेह, आपका निधन केवल आपके परिवार, शिष्यों और करीबियों का ही नहीं, बल्कि पूरे विद्वत और धार्मिक हलकों तथा मुस्लिम समुदाय की एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है। ऐसे ईमानदार विद्वानों का जाना एक ऐसा शून्य पैदा करता है, जिसे भरने में वर्षों लग जाते हैं। अल्लाह तआला मुस्लिम समुदाय को उनकी विद्वत्ता और बौद्धिक पूँजी से सदैव लाभान्वित होने की तौफ़ीक़ दे।

मैं इस बड़ी त्रासदी पर मरहूम के परिवार, रिश्तेदारों, शिष्यों, करीबियों, मित्रों और सभी शोकाकुल लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ और उनके दुख में शामिल हूँ।

अल्लाह की दरगाह में दुआ करता हूँ कि अल्लाह तआला मरहूम को अपनी बेपनाह रहमत की छत्रछाया में स्थान दे, उनकी नेकियों को स्वीकार करे, उनकी कमियों को क्षमा करे, उनके दर्जे ऊँचे करे, उनकी कब्र को नूर और रहमत से रोशन करे, और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में नबियों, सिद्दीक़ों, शहीदों, नेक लोगों और अहलेबैत (अ) के इमामों के साथ स्थान प्रदान करे।

साथ ही अल्लाह तआला सभी पीछे रहने वालों को धैर्य, बड़ा इनाम और इस भारी घाव को ईमान व स्थिरता के साथ सहन करने की तौफ़ीक़ दे।

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