मंगलवार 21 जुलाई 2026 - 04:58
शहीदों के ख़ून पर कोई समझौता नहीं होगा, इज़राइली सेना की पूरी वापसी हमारी पहली शर्त है: शेख अली अल-ख़तीब

लेबनान की शिया सुप्रीम इस्लामिक काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख अली अल-ख़तीब ने कहा है कि शहीदों के ख़ून पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि इज़राइली सेना लेबनान के सभी कब्ज़े वाले क्षेत्रों से पूरी तरह वापस जाए। साथ ही विस्थापित नागरिकों की सम्मानजनक वापसी, प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और लेबनानी कैदियों की रिहाई किसी भी वार्ता से पहले सुनिश्चित की जाए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान की शिया सुप्रीम इस्लामिक काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख अली अल-ख़तीब ने कहा है कि शहीदों के ख़ून पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि इज़राइली सेना लेबनान के सभी कब्ज़े वाले क्षेत्रों से पूरी तरह वापस जाए। साथ ही विस्थापित नागरिकों की सम्मानजनक वापसी, प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और लेबनानी कैदियों की रिहाई किसी भी वार्ता से पहले सुनिश्चित की जाए।

शेख अली अल-ख़तीब ने अपने बयान में कहा कि प्रतिरोध के लड़ाकों और आम नागरिकों के बलिदानों को किसी राजनीतिक सौदेबाज़ी का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। उनके अनुसार, इज़राइली सेना की पूर्ण वापसी, नागरिकों की वापसी, पुनर्निर्माण और कैदियों की रिहाई के बाद ही राष्ट्रीय रक्षा रणनीति पर बातचीत हो सकती है, ताकि ऐसी राष्ट्रीय सैन्य व्यवस्था बनाई जा सके जो लेबनान की संप्रभुता और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।

उन्होंने अमेरिका और इज़राइल को क्षेत्र में आक्रामकता, नरसंहार और विनाश का ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी नीति शक्ति के बल पर देशों को कमज़ोर करने और उनके संसाधनों पर कब्ज़ा करने की है, जबकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों की कोई परवाह नहीं है।

शेख अल-ख़तीब ने लेबनान के कुछ राजनीतिक नेताओं की भी आलोचना करते हुए कहा कि वे इज़राइली आक्रमण के विरुद्ध राष्ट्रीय रुख अपनाने के बजाय दुश्मन के दृष्टिकोण को मज़बूत कर रहे हैं। उनके अनुसार, आज की लड़ाई सत्य और न्याय बनाम अत्याचार और आक्रमण के बीच है, जिसमें अंततः सफलता प्रतिरोध के हिस्से में आएगी।

उन्होंने कहा कि लेबनान, ग़ज़ा, ईरान, इराक और यमन के लोगों ने अद्भुत धैर्य और दृढ़ता का परिचय दिया है तथा उन्हें विश्वास है कि अमेरिका और इज़राइल अपने उद्देश्यों में सफल नहीं होंगे।

शेख अल-ख़तीब ने दक्षिणी लेबनान में इज़राइल द्वारा गाँवों और बस्तियों के व्यवस्थित विनाश पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए लेबनानी सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे को अरब और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी गंभीरता से उठाए तथा नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए।

उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह शहीद सर्वोच्च नेता के जनाज़े में भाग लेने के दौरान उनकी ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेताओं से मुलाकात हुई, जिन्होंने लेबनान के समर्थन को जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उनके अनुसार, ईरान ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि इज़राइली सेना की पूर्ण वापसी तक लेबनान के रुख का समर्थन जारी रखा जाएगा।

अपने संबोधन के अंत में शेख अली अल-ख़तीब ने लेबनानी जनता की दृढ़ता और बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र को झूठे वादों और ग़लत राजनीतिक आकलनों से सावधान रहना चाहिए तथा अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा।

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