शुक्रवार 24 जुलाई 2026 - 06:35
अहलेबैत अ.स. का उद्देश्य हक़ को स्पष्ट करना और बातिल को बेनकाब करना हैं।हुज्जतुल इस्लाम हुसैन रज़ाई

हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम हुसैन रज़ाई ने कहा कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के ख़ुत्बों से लेकर इमामों (अ.स.) की बहसों और संवादों तक, जिहाद-ए-तबयीन का मुख्य उद्देश्य लोगों के सामने सत्य को उजागर करना और असत्य के मोर्चे को बेनकाब करना था।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम हुसैन रज़ाई ने कहा कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के ख़ुत्बों से लेकर इमामों (अ.स.) की बहसों और संवादों तक, जिहाद-ए-तबयीन का मुख्य उद्देश्य लोगों के सामने सत्य को उजागर करना और असत्य के मोर्चे को बेनकाब करना था।

उन्होंने कहा कि सत्य की व्याख्या केवल भाषणों से नहीं होती, बल्कि कला, प्रतीकों और आधुनिक माध्यमों के ज़रिए भी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हज़रत अली (अ.स.) कभी पैग़म्बर (स.) की तलवार या पगड़ी का उपयोग प्रतीक के रूप में करते थे ताकि नुबूवत की विरासत लोगों के सामने स्पष्ट हो सके।

रज़ाई ने कहा कि आज जिहाद-ए-तबयीन केवल उलेमा और वक्ताओं की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि शिक्षक, कवि, एंकर और परिवार के मुखिया भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों को इतिहास की सच्चाइयों से अवगत कराना चाहिए ताकि नई पीढ़ी सही और ग़लत की पहचान कर सके।

उन्होंने इस्लाम में जिहाद के तीन प्रकार बताए:

जिहाद-ए-असगर – युद्ध के मैदान में संघर्ष।

जिहाद-ए-अकबर – अपनी इच्छाओं और बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष।

जिहाद-ए-कबीर – तर्क, ज्ञान और सत्य के प्रचार के माध्यम से लोगों को जागरूक करना।

उन्होंने बताया कि जंगे-जमल और सिफ़्फ़ीन में हज़रत अली (अ.स.) ने युद्ध शुरू करने से पहले विरोधियों को समझाने और हिदायत देने का पूरा अवसर दिया। उनका उद्देश्य अंतिम क्षण तक लोगों को सत्य का मार्ग दिखाना था।

रज़ाई ने कहा कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) का ख़ुत्बा-ए-फ़दक, इमाम हुसैन (अ.स.) के आशूरा के ख़ुत्बे, इमाम सज्जाद (अ.स.) के शाम में दिए गए भाषण तथा इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) और इमाम रज़ा (अ.स.) के वाद-विवाद—इन सभी का उद्देश्य सत्य को लोगों तक पहुँचाना और असत्य को उजागर करना था।

अंत में उन्होंने कहा कि आज के दौर में भी सत्य की रक्षा के लिए डिजिटल मीडिया, फ़िल्मों, धारावाहिकों और आधुनिक संचार माध्यमों का सही उपयोग आवश्यक है, ताकि समाज मित्र और शत्रु की सही पहचान कर सके।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha