हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "बिहारूल अनवार" पुस्तक से लिया गया हैं इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
:قال امیرالمؤمنین علی علیہ السلام
«اِنْتَظِرُوا الْفَرَجَ وَلَا تَیْأَسُوا مِنْ رَوْحِ اللَّهِ.»
हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम ने फरमाया:
फ़रज का इंतज़ार करो और अल्लाह की रहमत से कभी निराश मत हो।
बिहारूल अनवार,भाग 52,पेंज 123
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