शनिवार 12 सितंबर 2026 - 00:16
ब्रिक्स को संयुक्त आर्थिक शक्ति में बदलने के लिए व्यावहारिक कदम जरूरी: पिज़िश्कियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने ब्रिक्स के आर्थिक शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और वित्तीय सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी ऊर्जा क्षमता और महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के माध्यम से ब्रिक्स के आर्थिक संपर्क को मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मसूद पेज़ेश्कियान ने भारत में आयोजित ब्रिक्स के आर्थिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत की मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच ईरान की मौजूदगी उसके लिए संतोष और गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में सामानों की आवाजाही में रुकावटों और राजनीतिक दबाव के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल ने विभिन्न देशों के लिए व्यापारिक गतिविधियों को और मुश्किल बना दिया है। ऐसे हालात में यह सवाल महत्वपूर्ण है कि इन समस्याओं से निपटने के लिए ब्रिक्स क्या कदम उठा सकता है।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स की वास्तविक शक्ति केवल उसके सदस्य देशों की बड़ी आर्थिक क्षमता में नहीं है, बल्कि तब सामने आएगी जब इन क्षमताओं को आपसी व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग की एक मजबूत व्यवस्था में बदला जाएगा। यानी संभावित सहयोग को व्यावहारिक सहयोग में बदलना होगा।

पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान का मानना है कि आर्थिक मजबूती के लिए व्यापारिक साझेदारों, वित्तीय साधनों और भुगतान के रास्तों में विविधता लाना जरूरी है। ईरान पिछले कई वर्षों से कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। हाल के महीनों में अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाइयों के कारण यह दबाव और गंभीर हो गया है।

उन्होंने कहा कि इन हमलों से हुए जान-माल के नुकसान के अलावा एक महत्वपूर्ण बात फिर सामने आई है कि आर्थिक सुरक्षा को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा से अलग नहीं किया जा सकता। अगर किसी देश के व्यापार, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे या वित्तीय व्यवस्था पर राजनीतिक और सैन्य दबाव पड़ता है, तो उसका असर केवल उसकी सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को अपने सदस्य देशों और वैश्विक दक्षिण की अर्थव्यवस्थाओं को ऐसी मजबूत व्यवस्थाएं उपलब्ध करानी चाहिए, जिनके माध्यम से कोई देश किसी वित्तीय या तकनीकी साधन पर अपना एकाधिकार स्थापित करके दूसरे देशों के वैध व्यापार में बाधा न डाल सके।

पेज़ेश्कियान ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्तर पर सहयोग करने के बजाय व्यापार व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों को धीरे-धीरे एक-दूसरे से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए व्यापार की प्रक्रियाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना, सीमा शुल्क की प्रक्रियाओं को एक-दूसरे के करीब लाना, व्यापार को आसान बनाना, प्रशासनिक और कानूनी बाधाओं को कम करना, नए बाजारों को बढ़ावा देना और निजी क्षेत्र के संयुक्त निवेश को आसान बनाना जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों के लिए साझा मानक तय करने पर भी अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि ब्रिक्स केवल कच्चे माल की खरीद-बिक्री का बाजार न रहे, बल्कि संयुक्त औद्योगिक उत्पादन और मजबूत आर्थिक श्रृंखलाओं का केंद्र बन सके।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। ईरान के पास ऊर्जा के बड़े भंडार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए वह ब्रिक्स के भीतर ऊर्जा, खाद्य और परिवहन के क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक साझेदार की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि इसके साथ ही मुद्रा की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पैदा होने वाले जोखिमों से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं भी की जानी चाहिए। उनके अनुसार, मौजूदा वैश्विक वित्तीय व्यवस्था कुछ सीमित मुद्राओं पर अधिक निर्भर होने के कारण राजनीतिक संकटों के सामने कमजोर है।

पेज़ेश्कियान ने कहा कि व्यापारिक सहयोग को वास्तविक निवेश में बदलने के लिए ब्रिक्स के नए विकास बैंक को सदस्य देशों में बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विशेष ऋण, स्थानीय मुद्रा में वित्तीय सहयोग और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए गारंटी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

10 अरब डॉलर की शुरुआती पूंजी से संयुक्त बीमा कंपनी बनाने का प्रस्ताव

ईरानी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स के लिए एक संयुक्त बीमा कंपनी स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जिसके लिए 10 अरब डॉलर की शुरुआती पूंजी तय की जाए। उन्होंने कहा कि इस कंपनी के माध्यम से बड़े बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े जोखिमों का बीमा किया जा सकेगा और इससे निजी क्षेत्र के निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

पेज़ेश्कियान ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विस्तार के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ब्रिक्स को केवल आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने वाला समूह नहीं बनना चाहिए, बल्कि ज्ञान और तकनीक के विकास तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था के मानक तय करने में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने पर भी ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की व्यापार परिषद को केवल आपसी बातचीत का मंच बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे आर्थिक सहयोग को व्यावहारिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। इसके विभिन्न क्षेत्रों के लिए ऐसे स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाने चाहिए, जिनकी प्रगति को मापा जा सके। इनमें ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में वृद्धि, स्थानीय मुद्राओं में होने वाले व्यापार का हिस्सा और निजी निवेश की मात्रा जैसे लक्ष्य शामिल हैं।

पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान अपनी महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति और ऊर्जा के बड़े संसाधनों के कारण ब्रिक्स के आर्थिक संपर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। ब्रिक्स उस समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में वास्तविक शक्ति बनेगा, जब उसका सहयोग केवल बैठकों और बातचीत तक सीमित न रहे, बल्कि व्यापारिक समझौतों, कारखानों, बंदरगाहों और सदस्य देशों के लोगों के आर्थिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

उन्होंने अंत में कहा कि ईरान ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर अधिक खुली, मजबूत और न्यायपूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सहयोग करने को तैयार है।

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