रविवार 6 सितंबर 2026 - 04:56
ब्रिक्स बैठक में ईरानी मुख्य न्यायधीश का आह्वान: युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ आवाज उठाई जाए

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों के मुख्य न्यायधीशो की बैठक को संबोधित करते हुए ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन गुलाम हुसैन मोहसिनी एज़ेई ने न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था की स्थापना, कानून के शासन और सभी देशों के समान अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया को पहले से कहीं अधिक ऐसे न्याय की जरूरत है, जो राजनीतिक हितों से ऊपर हो और देशों के अधिकारों का निर्धारण उनकी ताकत के आधार पर न किया जाए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी गणराज्य ईरान के मुख्य न्यायधीश हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन गुलाम हुसैन मोहसिनी एज़ेई ने शनिवार, 5 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स सदस्य देशों के न्यायपालिका प्रमुखों की बैठक के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया को पहले से कहीं अधिक न्याय की आवश्यकता है। ऐसा न्याय जो चयनात्मक न हो, राजनीतिक हितों के अधीन न हो और देशों के अधिकारों का निर्धारण उनकी ताकत के आधार पर न किया जाए।

ब्रिक्स बैठक में ईरानी मुख्य न्यायधीश का आह्वान: युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ आवाज उठाई जाए

उन्होंने कहा कि कानून का शासन और कानून का पालन हर समाज में व्यवस्था, न्याय और विकास के बुनियादी स्तंभ हैं। सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा नियमों और कानूनों का पालन मनमानी, ताकत के बल पर दबाव और प्रभुत्व की प्रवृत्ति को रोकने में प्रभावी हो सकता है।

ईरानी न्यायपालिका प्रमुख ने न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था की स्थापना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था तभी स्थापित हो सकती है, जब ताकत, धन और प्रभाव से परे सभी देशों को समान अधिकार प्राप्त हों, किसी एक देश के हितों को दूसरे देशों के हितों पर प्राथमिकता न दी जाए और कोई भी शक्ति अपने फैसले दूसरों पर थोप न सके।

उन्होंने वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में ब्रिक्स की भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा कि ब्रिक्स के दस्तावेजों में आपसी सम्मान, देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के पालन पर जोर दिया गया है। ब्रिक्स एक महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक गठबंधन के रूप में नई वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन मोहसिनी एज़ेई ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक विवादों के समाधान में मध्यस्थता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक-दूसरे से जुड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था में मध्यस्थता केवल विवादों के समाधान का कानूनी तरीका नहीं है, बल्कि आर्थिक संबंधों में विश्वास, स्थिरता और सहयोग बनाए रखने का भी एक महत्वपूर्ण साधन है।

उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच बढ़ते आपसी संबंधों के कारण किसी एक देश या कंपनी का विवाद दूसरे देशों के आर्थिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में मध्यस्थता विवादों को लंबे समय तक चलने वाले टकराव में बदलने से रोकने और व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ईरानी न्यायपालिका प्रमुख ने ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच व्यापारिक मध्यस्थता के लिए एक संयुक्त ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को विश्वसनीय व्यापारिक मध्यस्थता केंद्रों का नेटवर्क स्थापित करना चाहिए, मध्यस्थों की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और पेशेवर योग्यता के लिए समान नियम बनाए जाने चाहिए, विशेषज्ञ मध्यस्थों के प्रशिक्षण के लिए संयुक्त कार्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए तथा मध्यस्थता के माध्यम से किए गए समझौतों को मान्यता देने और उन्हें लागू करने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत किया जाना चाहिए।

मोहसिनी एज़ेई ने वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि न्यायिक और कानूनी संस्थाओं को आम नागरिकों की हत्या, जबरन विस्थापन, बुनियादी ढांचे के विनाश और अंतरराष्ट्रीय अपराध करने वालों को सजा न मिलने के मामलों में चुप नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायली शासन की आक्रामकता का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ किए गए हमलों में आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग मारे गए तथा अस्पतालों, शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्रों और आवासीय क्षेत्रों सहित कई बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया।

उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों से मांग की कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करें और आक्रामक पक्षों की गैरकानूनी कार्रवाइयों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

ब्रिक्स बैठक में ईरानी मुख्य न्यायधीश का आह्वान: युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ आवाज उठाई जाए

ईरानी न्यायपालिका प्रमुख ने आगे कहा कि सार्वभौमिक क्षेत्राधिकार के सिद्धांत का इस्तेमाल करते हुए ईरान के खिलाफ होने वाले युद्धों के दौरान युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।

हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन मोहसिनी एज़ेई ने अपने भाषण के अंत में कहा कि आज हमें पहले से कहीं अधिक न्याय की जरूरत है। ऐसा न्याय जो चयनात्मक न हो, राजनीतिक हितों के लिए कानून के शासन का बलिदान न करे और देशों के अधिकारों का आकलन उनकी ताकत के आधार पर न करे।

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