हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार| आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली सीस्तानी ने कृत्रिम श्वसन उपकरण बंद करने के शरई हुक्म के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया है, जिसे पाठकों की जानकारी के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
सवाल: अगर कोई मरीज चिकित्सकीय दृष्टि से मृत्यु (Clinical Death) की स्थिति में हो और उसे कृत्रिम श्वसन उपकरण पर रखा गया हो, जबकि मरीज के परिवार वाले इन उपकरणों का खर्च उठाने में सक्षम न हों, तो क्या शरई तौर पर इन उपकरणों को बंद करना जायज़ है? जबकि इन उपकरणों को बंद करने से मरीज की मृत्यु हो जाएगी?
जवाब: अगर मरीज मुसलमान है तो ऐसा करना जायज़ नहीं है। मरीज के परिवार वालों का इन उपकरणों का खर्च उठाने में असमर्थ होना, उन्हें बंद करने के लिए शरई कारण नहीं माना जाएगा। बल्कि दूसरे लोगों के लिए जरूरी है कि वे इन उपकरणों का खर्च उठाने में मदद करें, क्योंकि जो व्यक्ति इसकी क्षमता रखता हो, उस पर किसी मुसलमान की जान बचाए रखने में सहयोग करना वाजिब है।
और जो डॉक्टर अपने धर्म के नियमों का पालन करता हो, उसके लिए जरूरी है कि वह इन उपकरणों को बंद करने से इनकार करे। अगर कोई दूसरा व्यक्ति इन्हें बंद कर दे, तो इस वजह से उस डॉक्टर पर कोई गुनाह नहीं होगा।
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