हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,लखनऊ। महताब बाग़ में स्थित दर्सगाह बाग़-ए-सकीना (स.अ.) में इम्तिहानात में कामयाब और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों की हौसला-अफ़ज़ाई के लिए हुज्जतुल-इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सैयद शम्सुल हसन रिज़वी की सदारत में तक़सीम-ए-इनामात का जलसा आयोजित किया गया।
जलसे की शुरुआत तिलावत-ए-कलाम-ए-इलाही से हुई, जिसके बाद मौलाना सैयद अली हाशिम आब्दी ने ख़िताब किया। उन्होंने दीनी तालीम व तरबियत की अहमियत पर रौशनी डालते हुए कहा कि शरीयत की तालीमात के मुताबिक़ औलाद को दीनी तालीम व तरबियत देना वालिदैन की अहम ज़िम्मेदारी और औलाद के हुक़ूक़ में शामिल है, जिसकी अदायगी वालिदैन पर लाज़िम है।
मौलाना सैयद अली हाशिम आब्दी ने मुअल्लिम-ए-क़ुरआन की क़द्रदानी के हवाले से रिवायत बयान करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने मुअल्लिम-ए-क़ुरआन की हौसला-अफ़ज़ाई और क़द्रदानी फ़रमाई और उन्हें इनाम से नवाज़ा।
उन्होंने कहा कि अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम ने जिस तरह शुअरा की हौसला-अफ़ज़ाई फ़रमाई, उसी तरह तालीम-ए-क़ुरआन से जुड़े लोगों की सेवाओं को भी क़द्र की नज़र से देखा और उनकी हौसला-अफ़ज़ाई फ़रमाई।

जलसे के अंत में इम्तिहानात में सफल और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों में इनाम तक़सीम किए गए और उनकी शैक्षिक व दीनी गतिविधियों की सराहना की गई।
ग़ौरतलब है कि जनाब मोहम्मद काज़िम जामी द्वारा स्थापित इमामबाड़ा बाग़-ए-सकीना (स.अ.) में साल 2023 से हुज्जतुल-इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सैयद शम्सुल हसन रिज़वी की निगरानी में बच्चों की दीनी तालीम व तरबियत का सिलसिला जारी है। दर्सगाह में मौलाना दिलावर मेहदी मुमताज़ुल अफ़ाज़िल, मौलाना ताहिर रज़ा मुमताज़ुल अफ़ाज़िल और आलिमा ख़्वाहर दिलकश फ़ातिमा शिक्षण कार्य अंजाम दे रहे हैं।
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