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शेख़ नईम क़ासिम का आशूर के दिन संबोधन
दुनियाहमने इज़राइली-अमेरिकी योजना को नाकाम कर दिया और दुश्मन के पास पीछे हटने के अलावा कोई रास्ता नहीं
हिज़्बुल्लाह के महासचिव हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन शेख़ नईम क़ासिम ने यौम-ए-आशूरा 1448 हिजरी के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि हम इस युग के आशूरा में इमाम ख़ुमैनी, इमाम ख़ामेनेई, आयतुल्लाह…
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धार्मिकग्यारह मुहर्रम 61 हिजरी: पैग़म्बर के अहले-बैत पर होने वाले अत्याचारों के नए अध्याय का आरंभ
61 हिजरी का ग्यारह मुहर्रम इस्लामिक इतिहास का वह अत्यंत दुखद दिन है जब आशूरा की घटना के बाद पैग़म्बर के अहले-बैत पर होने वाले अत्याचारों का एक नया अध्याय शुरू हुआ।
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दुनियाश्रीलंका में आशूरा के दिन सम्मानपूर्वक मजलिस का आयोजन
पूर्वी श्रीलंका के शहर वालाचिना में आशूरा के दिन हुसैनिया “इत्तेहाद-ए-मोहिब्बीन-ए-अहले-बैत” में एक भावपूर्ण मजलिस-ए-अज़ा आयोजित की गई, जिसमें उलेमा, शिया समुदाय और अहले-बैत के प्रेमियों ने इमाम…
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भारतकर्बला का संदेश: सत्य, न्याय और मानव गरिमा के साथ अटूट प्रतिबद्धताः सय्यद हसन मूसवी सफ़वी
जम्मू-कश्मीर अंजुमन शरई शिया के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लेमीन आगा सय्यद हसन मूसावी सफवी ने कहा है कि कर्बला की घटना एक अबदी और आफ़ाक़ी आंदोलन है जो हर युग में सत्य, न्याय, मानव गरिमा और…
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आयतुल्लाह सईदी:
ईरानसुप्रीम लीडर के दिशानिर्देशों और रेड लाइनों का उल्लंघन शरियत और कानून के खिलाफ़ है
क़ुम के जुमे के खतीब ने वली-ए-फ़क़ीह की आज्ञा का पालन आवश्यक बताते हुए कहा कि सुप्रीम लीडर की हिदायतों के खिलाफ कोई भी कार्य शरिया और इस्लामी गणराज्य के संविधान के खिलाफ है।
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भारतखुदा-मुख़ालिफ उसूलो से ही खुदा का वुजूद साबित होता है: मौलाना कल्बे जवाद नक़वी
इमामबाड़ा ग़ुफ़रान मआब में मोहर्रम की नवीं मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने खुदा के वुजूद पर चर्चा करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों ने जितने भी उसूल खुदा के वुजूद के खिलाफ प्रस्तुत…
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9 मोहर्रम की रात मुग़ल मस्जिद मुंबई की मरकज़ी मजलिस
भारतकर्बला केवल एक जंग नहीं है, बल्कि प्रेम, वफ़ा और बलिदान का अमर सबक हैः मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी
मुग़ल मस्जिद में मरकज़ी अशरा-ए-मोहर्रम के समापन और शब-ए-आशूरा की मजलिस को खिताब करते हुए हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी ने कहा कि जब प्रेम अपनी चरम सीमा पर पहुँचता…
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ईरानक़ुम मुकद्दस में आशूर की दोपहर मे “हय्या अलस्सलात” की गूंज, ज़ोहर की नमाज़ में अज़ादारों की बड़ी भागीदारी
इमाम हुसैन की शहादत के दिन यानी आशूरा के अवसर पर पूरे क़ुम प्रांत में हज़रत अबा अब्दुल्लाह अल-हुसैन की मैदान-ए-जंग के बीच आख़िरी नमाज़ की याद में ज़ुहर-ए-आशूरा की इबादती और रूहानी कार्यक्रम अत्यंत…
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दुनियाशब-ए-आशूरा: कर्बला में लाखों ज़ायरीन की मौजूदगी, बैनुल-हरमैन के रूहानी दृश्य
मोहर्रम 1448 हिजरी की शब-ए-आशूरा मे कर्बला मुक़द्दस में लाखों ज़ायरीन ने हज़रत इमाम हुसैन और हज़रत अबुल फ़ज़्लिल अब्बास की पवित्र दरगाह में इबादत, दुआ और अज़ादारी के ज़रिए रात भर जागकर इबादत…
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दुनियाफ़ोटो: कर्बला ए मौअल्ला में तुवैरिज़ का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अज़ा, लाखों अज़ादार इमाम हुसैन के रौज़े पर पहुंचे
कर्बला ए मौअल्ला में आशूरा के दिन तुवैरिज़ का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अज़ा निकाला गया। यह अज़ादारी का जुलूस इस समय दुनिया में इमाम हुसैन की याद में निकलने वाला सबसे बड़ा जुलूस माना जाता है, जो पूरी…
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भारतकर्बला का ऐसा शहीद जिसकी शहादत पर इंसान नही इंसानीयत रोती हैः मौलाना अब्बास बाक़री
शहर की सभी इमामबारगाहों और अज़ाखानों में मजलिसों और मातम का सिलसिला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, क्योंकि यौम-ए-आशूरा नजदीक आ रहा है। इस अवसर पर सभी स्थानों पर विदाई मजलिसें आयोजित की गईं।
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धार्मिकशरई अहकाम । क्या ज़ियारत-ए-आशूरा का सज्दा हाथ पर करना सही है?
हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन फ़लाहज़ादे ने ज़ियारत-ए-आशूरा के बाद किए जाने वाले सज्दे की शर्तों के बारे में एक सवाल के जवाब में बताया कि सज्दे के सामान्य इस्लामी नियमों का पालन करना आवश्यक है…
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धार्मिकज़ियारत-ए-आशूरा | इस्लामी जीवन-शैली का घोषणापत्र
ज़ियारत-ए-आशूरा में व्यक्त शिक्षाएँ व्यक्तित्व निर्माण और व्यवहार सुधार के बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित हैं। इसमें मौजूद दुआ “अल्लाहुम्मा इज्अल महयाय महया मुहम्मद व आले मुहम्मद” को एक समग्र…
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) के अज़ादारों का क़यामत के दिन दर्जा
इमाम रज़ा (अ) ने एक हदीस में आशूरा के दिन अज़ादारी करने वालों के क़यामत के दिन के उच्च स्थान का वर्णन किया है।
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भारतशिम्र का किरदार हर ज़माने के लिए एक सीख है: मौलाना सय्यद रज़ी हैदर फंदेड़वी
मौलाना सय्यद रज़ी हैदर फंदेड़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला में शिम्र सेना का सेनापति नहीं था, बल्कि वह उबैदुल्लाह इब्न ज़ियाद का प्रतिनिधि बनकर आया था और उसने उमर बिन सअद पर युद्ध…
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धार्मिकआशूरा: हक़ और बातिल के संघर्ष में वफ़ादारी, त्याग और बलिदान की अमर गाथा
यौमे-आशूरा, इस्लामी इतिहास का वह महान दिन है जब हज़रत इमाम हुसैन (अ) और उनके वफ़ादार साथियों ने कर्बला के मैदान में सत्य, न्याय और इस्लाम की प्रतिष्ठा के लिए अद्वितीय बलिदान देकर अत्याचार और…