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छात्र कुरान और अहले बैत (अ.) के रक्षक बनें: आयतुल्लाह दरी नजफाबादी
आयतुल्लाह कुर्बान अली दरी नजफाबादी ने छात्रों की शैक्षणिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक क्षमताओं को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने का मूल उद्देश्य इस्लाम, कुरान और अहले बैत (अ.) की सेवा तथा धार्मिक शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार होना चाहिए।
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आयतुल्लाह सय्यद हाशिम हुसैनी बुशहरी ने आयतुल्लाह सय्यद अली रज़ा हैदरी के निधन पर…
हौज़ा / आयतुल्लाह सैयद हाशिम हुसैनी बुशहरी ने यज़्द के धर्मगुरु आयतुल्लाह सैयद अली रज़ा हैदरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मरहूम ने अपना जीवन दीन की रक्षा, मक्तब-ए-अहलेबैत (अ.स.) की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और जनता की सेवा में बिताया।
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सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधियों ने आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी की अयादत की
हौज़ा / इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान के एक अस्पताल में आयतुल्लाहिल उज़मा नूरी हमदानी की अयादत की और उनके स्वास्थ्य तथा उपचार की नवीनतम स्थिति की जानकारी ली।
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एक ज़िम्मेदार अलिमेदीन समाज में गहरा बदलाव ला सकता हैःआयतुल्लाह मुस्तफा अशरफी शाहरूदी
हौज़ा / आयतुल्लाह मुस्तफा अशरफी शाहरूदी ने कहा कि एक प्रतिबद्ध और ज़िम्मेदार धर्मगुरु अपने व्यावहारिक आचरण और नैतिकता के माध्यम से समाज में गहरा बदलाव ला सकता है। उन्होंने आत्ममुग्धता और अहंकार को इंसान की आध्यात्मिक तरक्की में बड़ी रुकावट बताते हुए कहा कि इंसान को अपनी इबादत, ज्ञान और नेकियों पर घमंड नहीं करना चाहिए।
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मतभेद और बिखराव से समाज को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है। आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने कहा है कि जिस देश ने अनगिनत शहीदों और महान हस्तियों के बलिदान दिए हैं, उसे मतभेद और बिखराव का शिकार नहीं होना चाहिए। हमें बातचीत का ऐसा तरीका अपनाना चाहिए जिससे किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
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इंसान के सामाजिक संबंध सत्य और तक़वा की बुनियाद पर होने चाहिए।आयतुल्लाह तहरीरी
हौज़ा / तेहरान में मदरसा ए इल्मिया मरवी के मुतवल्ली आयतुल्लाह मुहम्मद बाक़िर तहरीरी ने कहा कि एक परहेज़गार इंसान को अपने दोस्तों, साथियों और दूसरे लोगों से संबंध बनाते समय सत्य, तक़वा और धार्मिक सिद्धांतों को मापदंड बनाना चाहिए। किसी के करीब जाना या उससे दूरी बनाना व्यक्तिगत लाभ, इच्छाओं या अहंकार की बुनियाद पर नहीं होना चाहिए।
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इस्लामी क्रांति की सफलता इमामैन के इख़्लास का परिणाम हैःआयतुल्लाह शब ज़िन्दादार
हौज़ा / हौज़ा-ए-इल्मिया ईरान की सुप्रीम काउंसिल के सचिव आयतुल्लाह मुहम्मद मेंहदी शब ज़िंन्दा दार से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हार्मुज़गान जैसे विशेष परिस्थितियों वाले क्षेत्र में धार्मिक सेवाएं देना “افضل الاعمال احمزها,अफ़ज़लुल-अअमाल अह्मज़ुहा” के सिद्धांत के अनुसार एक श्रेष्ठ कार्य है।
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हौज़ा, युवा छात्रों और शिक्षकों की जनता व युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भूमिका…
हौज़ा इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने सेवा शिविरों के आयोजकों और कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा है कि मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों में जनता और युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एक विकसित और उत्कृष्ट हौज़ा इल्मिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक है। हौज़ा इल्मिया की जिम्मेदारी वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप समाज की वैचारिक और ज्ञानात्मक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
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छात्रों को अपने दौर की आवश्यकताओं और परिस्थितियों से अवगत रहना चाहिए: आयतुल्लाह सईदी
हरम-ए-हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स.) के मुतवल्ली आयतुल्लाह सैयद मुहम्मद सईदी ने हार्मुज़गान प्रांत के मदरसों के प्रमुखों और हौज़ा इल्मिया के प्रांतीय केंद्र के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के छात्रों को अपने दौर की परिस्थितियों और आवश्यकताओं से पूरी तरह अवगत होना चाहिए। उन्हें धार्मिक मूल्यों और परंपराओं की रक्षा के साथ-साथ समाज की मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक क्षमताएं भी हासिल करनी चाहिए।
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आयतुल्लाह जवादी आमोली: जनता की ईमानी ताकत ही देश की सफलता का आधार है
आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कृषि मंत्री से मुलाकात में अल्लाह की बंदगी और राष्ट्रीय शक्ति के बीच संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्लाह तआला ईमान रखने वाली जनता को अपनी शक्ति का मज़हर क़रार देता है। इस्लामी क्रांति और आठ साल के पवित्र रक्षा युद्ध सहित कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा जनता की मैदान में मौजूदगी और अल्लाह तआला की मदद पर भरोसे का परिणाम रही है।
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आयतुल्लाह सुब्हानी: धर्म की रक्षा के लिए कलाम और दर्शन के विशेषज्ञ विद्वानों का प्रशिक्षण…
आयतुल्लाहिल उज़्मा जाफ़र सुब्हानी ने कहा है कि ज्ञान का मूल्य और महत्व उसके विषय की अहमियत से जुड़ा होता है और ईश्वर की पहचान, इलाही मआरिफ़ तथा अक़ीदों के मूलभूत विषयों से संबंधित ज्ञान को विशेष स्थान प्राप्त है। उन्होंने इल्म-ए-कलाम और इलाही दर्शन की शिक्षा को कुरआन को बेहतर ढंग से समझने तथा अक़ीदों से संबंधित आधुनिक शंकाओं का विद्वतापूर्ण उत्तर देने के लिए आवश्यक बताया।
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समाज में नमाज़ का गहराई से और व्यापक रूप से स्थापित होना इस्लामी समाज तक पहुंचने…
इस्लामी क्रांति के रहबर आयतुल्लाह सैयद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई ने गुरुवार को राष्ट्रीय नमाज़ सम्मेलन के नाम अपने संदेश में नमाज़ क़ायम करने के महत्व पर ज़ोर दिया।
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आयतुल्लाह जवादी आमोली: हौज़ा इल्मिया में नहजुल बलागा की शिक्षा आवश्यक
आयतुल्लाहिल उज्मा जवादी आमोली ने हौज़ा इल्मिया में नहजुल बलागा की शिक्षा और अक्ली उलूम पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि जनता में क्रांतिकारी सोच पैदा करना केवल नसीहत और उपदेश के माध्यम से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए मजबूत ज्ञान और वैचारिक आधार आवश्यक है।
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अल्लामा मोहम्मद तक़ी जाफ़री की जिंदगी का शिक्षाप्रद वाकया; तक़वा और विलायत की झलक
आयतुल्लाह अल्लामा मोहम्मद तक़ी जाफ़री (र) की जिंदगी में पेश आने वाला एक शिक्षाप्रद वाकया तक़वा, नफ़्स पर नियंत्रण और अहले बैत अलैहिमुस्सलाम से प्रेम के महत्व को उजागर करता है। उन्होंने अपनी युवावस्था में एक ऐसे आध्यात्मिक अनुभव का उल्लेख किया था, जिसे वह अपनी जिंदगी की महत्वपूर्ण रूहानी घटनाओं में शामिल करते थे।
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हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी से जुड़ा एक यादगार वाक़्या
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लहिल उज़मा सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी क़ुद्दिसा सिर्रह के निधन के संदर्भ में एक संक्षिप्त व्यक्तिगत संस्मरण प्रस्तुत है।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी ने एक सदी कुरआन व अहले बैत (अ) की खिदमत और लोगों…
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने मरहूम आयतुल्लाह शुबैरी ज़ंजानी रह. के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए संवेदना व्यक्त की हैं
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आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी का निधन हौज़ा-ए-इल्मिया और अहले ईमान के लिए बड़ा…
आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर गहरे दुख और शोक का इज़हार करते हुए उनकी इल्मी और दीनी सेवाओं को श्रद्धांजलि पेश की और उनके निधन को हौज़ा-ए-इल्मिया तथा सभी अहले ईमान के लिए बड़ा और दर्दनाक नुकसान बताया।
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आयतुल्लाह शुबैरी ज़ंजानी इस्लामी उलूम में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले विद्वान थे: आयतुल्लाह…
आयतुल्लाहिल अज़्मा सय्यद मूसा शुबैरी ज़ंजानी हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख स्तंभों में शामिल थे। उन्हें अनेक इस्लामी उलूम में गहरी विशेषज्ञता हासिल थी और वे अपने मजबूत इल्मी सिद्धांतों के लिए जाने जाते थे। वे हौज़ा-ए-इल्मिया के बुजुर्ग उस्तादों, जैसे आयतुल्लाहिल अज़्मा बुरूजर्दी और आयतुल्लाहिल अज़्मा दामाद के प्रमुख शागिर्दों में शामिल थे।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया के महान इल्मी और अख़्लाक़ी…
हौज़ा / उस्ताद हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान ने आयतुल्लाहिल अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह महान फ़क़ीह क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया के वैज्ञानिक और नैतिक स्तंभों में से थे तथा समकालीन फ़िक़्ह के प्रमुख और स्थायी चेहरों में उनका स्थान था।
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आयतुल्लाहिल अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी की शैक्षिक और धार्मिक सेवाओ को भूलाया नही जा सकता:…
हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा अराफ़ी ने आयतुल्लाह अज़्मा सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि इस महान शिक्षक और उच्च कोटि के मरजा-ए-तक़लीद ने लगभग एक शताब्दी पर आधारित अपने जीवन को शिक्षा और अध्यापन, शोध, छात्रों के प्रशिक्षण, वैज्ञानिक एवं धार्मिक रचनाओं और विचारों को प्रस्तुत करने तथा आम लोगों और विद्वानों के मार्गदर्शन में बिताया। उनकी शैक्षिक और धार्मिक सेवाओं से क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया और अन्य धार्मिक शिक्षण संस्थानों को विकास मिला तथा फ़िक़्ह, उसूल, इल्म-ए-रिजाल, इतिहास और इस्लामी उलूम के विभिन्न क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा मिला।