हौज़ा / मरहूम आयतुल्लाह हायरी शीराज़ी अपनी बातों में इस बात पर ज़ोर देते हैं कि नमाज़ को अच्छे तरीक़े से और उचित आदाब व शरायत के साथ अदा करनी चाहिए।