रविवार 1 फ़रवरी 2026 - 06:37
ज़हूर की प्रतीक्षा करने वाला का इनाम और स्थान

इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) ने एक रिवायत में इमाम ज़माना (अ) के ज़हूर का इंतज़ार करते हुए इस दुनिया को छोड़ने के रिवायत के बारे में बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "बिहार उल अनवार" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:

قال الامام السجاد علیه السلام:

مَن ماتَ علی مُوالاتِنا فی غَیبةِ قائمِنا أعطاهُ اللّه ُ أجرَ ألفِ شَهیدٍ مِثلِ شُهَداءِ بَدرٍ و اُحُدٍ

हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) ने फ़रमाया:

जो कोई भी हमारे क़ायम की ग़ैबत के दौरान हमारी विलायत और प्यार में मरता है, अल्लाह उसे बद्र और उहुद के शहीदों की तरह एक हज़ार शहीदों का इनाम (अज्र) देगा।

बिहार उल अनवार, भाग 52, पेज 125

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