हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मुंबई के इमाम ए जुमआ और जामिया इमाम अमीरुल मोमेनीन अ.स. नजफी हाउस के प्रिंसिपल हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मौलाना सैयद अहमद अली आबिदी ने ईरान के नए रहबर आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनई के चुनाव पर बधाई देते हुए कहा है कि जिस तरह हज़रत अली इब्ने अबी तालिब (अ.स.) की शहादत के बाद इमाम हसन मुज्तबा (अ.स.) ने इमामत की जिम्मेदारी संभाली थी, उसी तरह आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनई भी अपने शहीद पिता के मिशन को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे।
मौलाना सैयद अहमद अली आबिदी ने अपने संदेश में कहा कि रहबरे मोअज्जम शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत के बाद उम्मत ए मुस्लिमा एक महान नेता से वंचित हो गई है, हालाँकि आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनई का इस महत्वपूर्ण पद पर आसीन होना उम्मत के लिए उम्मीद और स्थिरता का कारण है। हमें विश्वास है कि वे अपने शहीद पिता के विचारों और इस्लामी क्रांति के सिद्धांतों को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम के इतिहास में हमें इसकी एक उज्ज्वल और सार्थक मिसाल मिलती है। जब मौला-ए-कायनात हज़रत अली इब्ने अबी तालिब (अ.स.) की शहादत हुई तो आपके बेटे इमाम हसन मुजतबा (अ.स.) ने इमामत की जिम्मेदारी संभाली और उम्मत का मार्गदर्शन किया।
एक खूबसूरत आध्यात्मिक (मानवी) समानता यह भी है कि मौला-ए-कायनात का नाम भी अली था और हमारे शहीद रहबर का नाम भी अली था, इसी तरह इमाम अली (अ.स.) के बेटे का नाम मुजतबा था और आज शहीद रहबर के बेटे का नाम भी मुजतबा है। इसलिए हमें उम्मीद है कि आयतुल्लाह मुजतबा ख़ामेनई भी अपने शहीद पिता की जिम्मेदारियों को हिकमत बसीरत और शुजाअत (साहस) के साथ अंजाम देते हुए उम्मत ए मुस्लिमा का मार्गदर्शन करेंगे।
मुंबई के इमाम ए जुमा ने अपने संदेश के अंत में दुआ की कि खुदावंदे मुतआल आयतुल्लाह मुजतबा ख़ामेनई को इस महान जिम्मेदारी के निर्वहन में पूर्ण तौफीक (सफलता) प्रदान करे, उन्हें उम्मते मुस्लिमा और मजलूमों की सेवा में और सफलताएं नसीब करे और उन्हें दुश्मनाने इस्लाम आंतरिक फितनों और मुनाफिकीन (पाखंडियों) के शर (बुराई) से महफूज (सुरक्षित) रखे ताकि वे अपने शहीद पिता के मिशन को इस्तेकामत और बसीरत (अंतर्दृष्टि) के साथ आगे बढ़ा सकें।
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