शनिवार 6 जून 2026 - 05:40
अहले-बैत (अ) का अनुसरण ही हिदायत का मार्ग है

इमाम मूसा काज़िम (अ) एक रिवायत में उम्मत की हिदायत के लिए पैग़म्बर (स) के अहले-बैत के महत्वपूर्ण स्थान पर ज़ोर देते हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "उसूल-ए-काफी" से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام کاظم علیه‌السلام:

مَنْ تَرَکَ أَهْلَ بَیْتِ نَبِیِّهِ ضَلَّ.

इमाम काज़िम (अलैहिस्सलाम) ने फ़रमाया:

"जो व्यक्ति अपने नबी के अहले-बैत को छोड़ देता है, वह गुमराह हो जाता है।"

उसूल-ए-काफी, भाग 1, पेज 72, हदीस 10

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