हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत अल काफ़ी किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
قال رسول الله صلی الله علیه و آله :
مَنْ وَاسَی الْفَقِیرَ مِنْ مَالِهِ، وَأَنْصَفَ النَّاسَ مِنْ نَفْسِهِ، فَذَلِکَ الْمُؤْمِنُ حَقًّا
पैग़म्बर (स) ने फ़रमाया:
“जो व्यक्ति अपने माल में से फ़क़ीर को हिस्सा देता है और लोगों के साथ अपने बारे में इंसाफ़ करता है, वही सच्चा मोमिन है।”
अल-काफ़ी, भाग 2, पेज 147, हदीस 17
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