हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال الامام المھدی عجل اللہ تعالی فی زیارة المقدسه:
"لأندبنك صباحا ومساء ولأبكين عليك بدل الدموع دما"
इमाम महदी (अ) ने ज़ियारत-ए-नाहिया में फरमाया:
"मैं सुबह और शाम तुम्हारे लिए गिरया और मातम करता रहूँगा, और आपकी जुदाई मे आँसुओं के स्थान पर ख़ून के आँसू बहाऊँगा।"
बिहार उल अनवार, भाग 101, पेज 238।
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