गुरुवार 25 जून 2026 - 04:02
इमाम हुसैन (अ) की जुदाई में ख़ून के आँसू

इमाम ज़माना, हज़रत महदी (अ) ने ज़ियारत-ए-नाहिया में अपने दादा हज़रत अबा अब्दिल्लाहिल हुसैन (अ) के लिए अपने गहरे दुःख, ग़म और अपार मोहब्बत को व्यक्त करने वाले शब्द कहे हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

قال الامام المھدی عجل اللہ تعالی فی زیارة المقدسه:

"لأندبنك صباحا ومساء ولأبكين عليك بدل الدموع دما"

इमाम महदी (अ) ने ज़ियारत-ए-नाहिया में फरमाया:

"मैं सुबह और शाम तुम्हारे लिए गिरया और मातम करता रहूँगा, और आपकी जुदाई मे आँसुओं के स्थान पर ख़ून के आँसू बहाऊँगा।"

बिहार उल अनवार, भाग 101, पेज 238।

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