हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "कमालुद्दीन" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
امیر المومنین علیہ السلام
أَنَّهُ ذَکَرَ الْمَهْدِیَّ صَلَوَاتُ اللَّهِ عَلَیْهِ فَقَالَ: صَاحِبُ الْأَمْرِ هُوَ الشَّرِیدُ الطَّرِیدُ الْفَرِیدُ الْوَحِیدُ.
अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने जब इमाम महदी अलैहिस्सलाम का उल्लेख किया, तो फ़रमाया:
"साहिब-ए-अम्र वह हैं जो निर्वासित, असहाय और अकेले हैं।"
कमालुद्दीन, भाग 1, पेज 563
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