शनिवार 11 जुलाई 2026 - 04:20
इमाम ज़माना (अ) की ग़ुरबत

अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में हज़रत वली-ए-अस्र (अ) की ग़ुरबत और तन्हाई का उल्लेख किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "कमालुद्दीन" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

امیر المومنین علیہ السلام

أَنَّهُ ذَکَرَ الْمَهْدِیَّ صَلَوَاتُ اللَّهِ عَلَیْهِ فَقَالَ: صَاحِبُ الْأَمْرِ هُوَ الشَّرِیدُ الطَّرِیدُ الْفَرِیدُ الْوَحِیدُ.

अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने जब इमाम महदी अलैहिस्सलाम का उल्लेख किया, तो फ़रमाया:

"साहिब-ए-अम्र वह हैं जो निर्वासित, असहाय और अकेले हैं।"

कमालुद्दीन, भाग 1, पेज 563

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