हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,क़ुम अलमुकद्दस प्रांत के संस्कृति एवं इस्लामी मार्गदर्शन विभाग के महानिदेशक मोहम्मद रज़ा सूकंदी ने कहा कि जब हज़रत सलमान फ़ारसी मदाइन के गवर्नर थे, तब उनके लिए एक घर बनाने का निर्णय लिया गया। लेकिन उनका घर इतना छोटा और सादा था कि खड़े होने पर उनका सिर छत से लग जाता था और लेटने पर उनके पैर घर से बाहर निकल जाते थे। यह उनकी सादगी,त्याग और दुनिया से बे-रग़बती का प्रतीक था।
उन्होंने क़ुम की सलमान फ़ारसी मस्जिद में आयोजित "मुहाजिर-ए-हक़ीक़त" सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सलमान फ़ारसी इस्लामी इतिहास की महानतम हस्तियों में से हैं। उनका जीवन और चरित्र विशेष रूप से अधिकारियों और प्रशासकों के लिए एक स्थायी आदर्श है।
उन्होंने बताया कि सलमान फ़ारसी जयंती दिवस को "राज्यपाल दिवस" के रूप में मनाने का प्रस्ताव गंभीरता से विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सलमान फ़ारसी केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि उनकी नैतिकता, प्रशासनिक क्षमता और अहले बैत व विलायत के प्रति अटूट निष्ठा उन्हें इस्लामी संस्कृति का उत्कृष्ट आदर्श बनाती है।
सूकंदी ने कहा कि सलमान फ़ारसी की सबसे प्रमुख विशेषताओं में सादगी और दिखावे से दूरी थी। यह गुण उनके पूरे सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक कार्यकाल में स्पष्ट रूप से दिखाई देता था।
उन्होंने एक और प्रसिद्ध घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि जब मदाइन में भीषण बाढ़ आई और लोग अपनी संपत्ति बचाने में लगे थे, तब सलमान फ़ारसी केवल अपनी छोटी-सी पोटली लेकर सुरक्षित स्थान पर चले गए और फरमाया,हल्के बोझ वाले ही इस तरह निजात पाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सलमान फ़ारसी के जीवन पर आधारित टीवी धारावाहिक "सलमान फ़ारसी" तैयार किया जा रहा है और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ईरान के राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर प्रसारित होगा। इस प्रकार की कलात्मक और मीडिया प्रस्तुतियाँ नई पीढ़ी को इस्लामी इतिहास के महान आदर्शों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अंत में सूकंदी ने कहा कि सलमान फ़ारसी का जीवन नैतिकता, प्रशासनिक कुशलता, ईमानदारी, विलायत-निष्ठा और सादगी का अनुपम उदाहरण है। उनके जीवन का अध्ययन समाज में सादगी, उत्तरदायित्व और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
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