गुरुवार 30 जुलाई 2026 - 08:49
शेख़ अल-ख़ज़अली का इराक़ को अमेरिका और सऊदी हमले पर चेतावनी

हौज़ा / इराक़ के संगठन हश्दुशाबी के महासचिव ने अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा कथित रूप से हश्दुशल-शाबी के ठिकानों पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसके गंभीर परिणामों के प्रति चेतावनी दी हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , शेख़ अल-ख़ज़अली ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि वे शहीद हुए हश्दुश शाबी के लड़ाकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि अल्लाह शहीदों को अपनी रहमत प्रदान करे, उन्हें जन्नतुल-फ़िरदौस में उच्च स्थान दे और घायलों को शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करे।

उन्होंने कहा कि इराक़ की धरती पर एक इराक़ी सुरक्षा बल को निशाना बनाना देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। ऐसे समय में जब इराक़ी सरकार देश की संप्रभुता को मज़बूत करने और नए तनावों से बचाने के लिए प्रयासरत है, इस प्रकार की कार्रवाई सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति को और अधिक जटिल बना सकती है।

अल-ख़ज़अली ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि कुछ बाहरी देश, जो स्वयं को इराक़ का मित्र या भाई बताते हैं, इराक़ी सुरक्षा बलों पर हमला करें और ऐसे आरोपों के आधार पर सैनिकों को निशाना बनाएं जिनकी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही भी हों, तो इराक़ी सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर को पहले कानूनी और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का अवसर दिया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार, यह केवल इराक़ की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं बल्कि उसकी राष्ट्रीय गरिमा का भी अपमान है।

उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसके गंभीर परिणामों की चेतावनी दी और कहा कि इराक़ी समाज के सभी वर्गों, राजनीतिक दलों और सामाजिक नेतृत्व को देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए एकजुट होना चाहिए।

अल-ख़ज़अली ने इराक़ से सभी विदेशी सेनाओं की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली खरीदी जानी चाहिए, ताकि इराक़ अपनी वायु सीमा की प्रभावी सुरक्षा कर सके और भविष्य में होने वाले हवाई उल्लंघनों को रोक सके।

उन्होंने आगे कहा कि इराक़ी जवान ज़मीनी स्तर पर भी अपने देश की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं और यदि कोई आक्रामक शक्ति अपनी सीमाएँ लांघती है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने दुआ की कि अल्लाह इराक़ और उसके लोगों की रक्षा करे, आक्रमणकारियों की साज़िशों को उन्हीं पर पलट दे, शहीदों पर अपनी रहमत नाज़िल करे और घायलों तथा प्रभावित लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य प्रदान करे। आमीन।

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