मंगलवार 18 अगस्त 2026 - 23:14
औरंगाबाद: बाबुल इल्म लाइब्रेरी की मानवतावादी पहल; स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में सेवा-कार्य

भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बाबुल इल्म लाइब्रेरी की ओर से "हुसैन फ़ॉर जस्टिस" अभियान के तहत सेवा-कार्य का एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय नगर निगम अस्पताल के मरीजों, उनके तीमारदारों और जरूरतमंद लोगों की सेवा करते हुए भोजन, पीने का पानी और पेय पदार्थ उपलब्ध कराए गए। इस पहल का उद्देश्य इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की सार्वभौमिक मानवतावादी शिक्षाओं, न्याय और इंसाफ, त्याग तथा सहानुभूति के संदेश को व्यावहारिक रूप से फैलाना था।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 15 अगस्त, भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद क्षेत्र में बाबुल इल्म लाइब्रेरी की ओर से "हुसैन फ़ॉर जस्टिस" अभियान के तहत एक अनोखा और मानवतावादी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्थानीय नगर निगम अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों, उनके तीमारदारों और अन्य जरूरतमंद लोगों के बीच मुफ्त भोजन, पीने का पानी और जूस वितरित किया गया।

इस सेवा-कार्य का उद्देश्य इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की सार्वभौमिक शिक्षाओं, विशेष रूप से सत्य और सच्चाई, न्याय और इंसाफ, त्याग, सहानुभूति तथा जरूरतमंदों की सहायता के संदेश को फैलाना और उन्हें व्यावहारिक जीवन का हिस्सा बनाना था।

औरंगाबाद: बाबुल इल्म लाइब्रेरी की मानवतावादी पहल; स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में सेवा-कार्य

इस अवसर पर शिया युवा नेता सैयद मोहम्मद रज़वी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पानी पिलाना और भूखे को खाना खिलाना केवल एक नेकी नहीं, बल्कि इंसानियत की सबसे सुंदर निशानियों में से एक है। भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के नाम पर भोजन और पानी वितरित करना वास्तव में उनकी शिक्षाओं को व्यवहार में लाने की एक छोटी-सी कोशिश है।

उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने हमें धैर्य, सत्य का समर्थन, इंसानियत और जरूरतमंदों की सहायता करने की शिक्षा दी है। जरूरी है कि हम इन शिक्षाओं को अपने व्यावहारिक जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज में प्रेम, भाईचारे, सहानुभूति और इंसानियत का संदेश फैलाएं। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला इस सेवा को स्वीकार करे और देश में शांति, एकता, भाईचारे और खुशहाली को कायम रखे।

औरंगाबाद: बाबुल इल्म लाइब्रेरी की मानवतावादी पहल; स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में सेवा-कार्य

टीम लीडर सैयद क़ासिम जाफ़री ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के संदेश को पूरी मानवता के लिए सार्वभौमिक संदेश बताते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, रसूले अकरम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि वसल्लम के नवासे हैं। उन्होंने मैदान-ए-कर्बला में सत्य और सच्चाई, न्याय और इंसाफ तथा सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपनी जान, अपने परिवार और अपने वफ़ादार साथियों की कुर्बानी पेश कर दी, लेकिन अत्याचार और अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया।

उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शन का प्रकाश है। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने हमें सच्चाई, न्याय, दया, मानवीय सम्मान और एक-दूसरे का सम्मान करने की शिक्षा दी। कर्बला हमें यह सीख देती है कि सत्य के साथ खड़े रहें, अत्याचार और अन्याय को स्वीकार न करें, जरूरतमंदों का सहारा बनें और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अल्लाह तआला की रहमत और कृपा पर विश्वास बनाए रखें।

औरंगाबाद: बाबुल इल्म लाइब्रेरी की मानवतावादी पहल; स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में सेवा-कार्य

सैयद क़ासिम जाफ़री ने जनता से जोर देकर कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के संदेश को केवल शब्दों और भाषणों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे व्यावहारिक जीवन में लागू किया जाए और समाज के कमजोर तथा जरूरतमंद वर्गों की सहायता को अपनी जिम्मेदारी समझा जाए।

कार्यक्रम में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अरबाज़ अंसारी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने बाबुल इल्म लाइब्रेरी की ओर से आयोजित इस मानवतावादी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सेवा-कार्य समाज में प्रेम, भाईचारे, सहानुभूति और इंसानियत को बढ़ावा देने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रशासन को बधाई दी और भविष्य में भी इस प्रकार की कल्याणकारी गतिविधियों को जारी रखने के लिए शुभकामनाएं दीं।

औरंगाबाद: बाबुल इल्म लाइब्रेरी की मानवतावादी पहल; स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में सेवा-कार्य

इस अवसर पर आफ़ाक़ुर्रहमान (जमाअत-ए-इस्लामी), ज़रीना जावेद क़ुरैशी (पार्षद, VBA), एडवोकेट जुनैद क़ुरैशी (VBA) और डॉक्टर सदफ़ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) सहित अन्य सम्मानित व्यक्तियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान सैयदा अफ़शां नक़वी और सैयदा ऐन ज़हरा नक़वी ने भाषणों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए, जबकि अलीना नक़वी कसा जाफ़री ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। मासूमा नक़वी ने उपस्थित लोगों को हुसैनी चरित्र की रोशनी में देश और राष्ट्र के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग करने, सेवा-कार्य करने, इंसानों से प्रेम करने और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर सभी सम्मानित अतिथियों ने बाबुल इल्म लाइब्रेरी के प्रशासन और पूरी टीम को "हुसैन फ़ॉर जस्टिस" अभियान के सफल आयोजन और सेवा-कार्य की इस प्रशंसनीय पहल पर बधाई दी। प्रतिभागियों ने संकल्प व्यक्त किया कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मानवता, न्याय और इंसाफ तथा सेवा-कार्य की शिक्षाओं के संदेश को और अधिक फैलाया जाएगा, ताकि समाज में प्रेम, शांति, सहानुभूति और भाईचारे के वातावरण को बढ़ावा मिले।

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