हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम असगर जलाली ने अरबईन-ए-हुसैनी की महान पदयात्रा की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह करोड़ों लोगों का समागम मुस्लिम उम्मत की एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव का अनुपम दृश्य है। उन्होंने कहा कि अरबईन केवल एक धार्मिक समारोह नहीं, बल्कि इस्लामी उम्मत की शक्ति का प्रदर्शन, अहले बैत (अ.स.) से प्रेम की अभिव्यक्ति तथा त्याग, सेवा और अत्याचार के विरुद्ध प्रतिरोध की संस्कृति का जीवंत प्रतीक है।
हुज्जतुल इस्लाम असगर जलाली ने कहा कि अरबईन की पदयात्रा विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों में से एक है, जहाँ विभिन्न देशों, जातियों और मतों से जुड़े लाखों श्रद्धालु इमाम हुसैन अ.स. के प्रेम में एकत्र होते हैं।
उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) से मोहब्बत मुसलमानों के दिलों को एक-दूसरे के करीब लाती है और अरबईन की पदयात्रा पूरी दुनिया तक मुस्लिम उम्मत की एकता और भाईचारे का संदेश पहुँचाती है।
उन्होंने अरबईन के मौक़े पर ज़ायरीन की सेवा में लगे मौकिबदारों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) के ज़ायरीन की सेवा करना बहुत बड़ा सौभाग्य और आख़िरत के लिए अमूल्य पूँजी है। जनता द्वारा संचालित मौकिब अपनी निष्ठा, त्याग और मेहमाननवाज़ी के माध्यम से हुसैनी संस्कृति की अविस्मरणीय झलक प्रस्तुत करती हैं।
उन्होंने कहा कि अरबईन, आशूरा के संदेश को स्पष्ट करने, अम्र बिल मारूफ़ और नहीं अनिल मुनकर की संस्कृति को मजबूत करने तथा नई पीढ़ी तक धार्मिक मूल्यों को पहुँचाने का सर्वोत्तम अवसर है। सभी सांस्कृतिक संस्थानों को चाहिए कि वे इस महान अवसर का उपयोग धार्मिक ज्ञान और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए करें।
अंत में उन्होंने कहा कि आज इस्लाम के विरोधी मुस्लिम उम्मत की एकता से भयभीत हैं, जबकि अरबईन की पदयात्रा में करोड़ों स्वतंत्र और न्यायप्रिय लोगों की भागीदारी इस एकता और सामूहिक शक्ति का विश्व के सामने प्रदर्शन करती है। इसलिए इस महान आध्यात्मिक धरोहर की रक्षा करना और ज़ायरीन की सेवा की संस्कृति को और सुदृढ़ बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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