सोमवार 24 अगस्त 2026 - 15:38
जनता की सेवा छुट्टी या दफ्तर के समय तक सीमित नहीं होनी चाहिए

हौज़ा / आयतुल्लाह दर्री नजफ़ाबादी ने कहा, दुश्मन बाधा डालने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहा हैं। ऐसे हालात में सरकार को एक ‘सेवा केंद्र’ के रूप में काम करना चाहिए और जनता की सेवा को केवल कार्यालय समय तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आयतुल्लाह क़ुरबानअली दर्री नजफ़ाबादी ने आज अपने ख़ारिज़ के दरस के दौरान सरकार सप्ताह की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियाँ ‘अर्ध-युद्ध और युद्ध जैसी’ हैं, जिससे सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं।

उन्होंने शहीदों रजाई और बाहुनर तथा इस्लामी क्रांति के अन्य शहीदों, जिनमें शहीद अमीर अब्दुल्लाहियन और शहीद राष्ट्रपति रईसी भी शामिल हैं, को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन शहीदों का पवित्र रक्त अधिकारियों के कंधों पर एक भारी जिम्मेदारी डालता है। क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए पहले से दसियों गुना अधिक प्रयास और तैयारी की आवश्यकता है।

केंद्रीय प्रांत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने ग़ाज़ा और लेबनान में इज़राइली शासन के अपराधों तथा देश पर आर्थिक दबाव और दवाओं की नाकेबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि दुश्मन बाधा उत्पन्न करने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहा हैं।

ऐसी स्थिति में सरकार को ‘सेवा के कमांड सेंटर’ की तरह काम करना चाहिए और जनता की सेवा को कार्यालय समय तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

आयतुल्लाह दर्री नजफ़ाबादी ने कुछ आर्थिक अव्यवस्थाओं और सरकारी संस्थानों की जवाबदेही की कमी की आलोचना करते हुए कृषि जिहाद, तेल, उद्योग-खनन-व्यापार, श्रम एवं सामाजिक कल्याण मंत्रालयों तथा सामाजिक सुरक्षा संगठन से अधिक गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने जनता की दुनियावी और आध्यात्मिक जिंदगी के लिए विवेकपूर्ण नीतियों पर जोर दिया।

उन्होंने ज़ुहूर से पहले होने वाले आंदोलनों से संबंधित रिवायतों की भी समीक्षा की और इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) से वर्णित बशीर दह्हान की रिवायत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह रिवायत झूठे और तानाशाही आंदोलनों के संदर्भ में है। इसका संबंध विदेशी आक्रमणकारियों तथा दाइश और मुजाहिदीन-ए-ख़ल्क जैसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ ईरानी जनता के रक्षात्मक संघर्षों से नहीं है।

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