रविवार 13 सितंबर 2026 - 22:53
हौज़ा-ए-इल्मिया कुरआन और अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं के ध्वजवाहक हैं

जामेअ मुदर्रिसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के सदस्य ने देश की संवेदनशील परिस्थितियों की ओर संकेत करते हुए नेतृत्व की व्यवस्था को मजबूत करने, एकता और भाईचारे की रक्षा करने तथा प्रचार, धार्मिक शिक्षाओं को स्पष्ट करने और दीनी सामग्री तैयार करने के क्षेत्र में हौज़ा-ए-इल्मिया की सक्रिय भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जामेअ मुदर्रिसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के सदस्य आयतुल्लाह वाफी ने प्रचार, शैक्षिक और शोध परिसर के नए शैक्षणिक वर्ष के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने देश की संवेदनशील परिस्थितियों और क्षेत्र में हो रहे बदलावों की ओर संकेत करते हुए नेतृत्व की व्यवस्था को मजबूत करने, एकता और भाईचारे की रक्षा करने तथा प्रचार और धार्मिक शिक्षाओं को स्पष्ट करने के क्षेत्र में हौज़ा-ए-इल्मिया की पूरी क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियां इस्लामी क्रांति के इतिहास के एक विशेष और संवेदनशील दौर को दर्शाती हैं। इस्लामी क्रांति की सफलता के लगभग पांच दशकों के दौरान इस प्रकार की संवेदनशील परिस्थितियों का बहुत कम सामना हुआ है। इसलिए क्रांति के सभी शुभचिंतकों के लिए आवश्यक है कि वे मौजूदा स्थिति को सही ढंग से समझें और व्यवस्था तथा इस्लामी क्रांति को मजबूत बनाने के लिए उपलब्ध क्षमताओं का भरपूर उपयोग करें।

आयतुल्लाह वाफी ने आगे कहा कि हौज़ा-ए-इल्मिया कुरआन के ज्ञान और अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं के ध्वजवाहक और अमानतदार हैं। यदि समाज कुरआन और इस्लामी शिक्षाओं से परिचित होना चाहता है, तो इसके सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी माध्यमों में से एक हौज़ा-ए-इल्मिया है। इसलिए हौज़ा-ए-इल्मिया को इस क्षेत्र में और अधिक गंभीर कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुरआन, नहजुल बलाग़ा, सहीफ़ा-ए-सज्जादिया और अहलेबैत (अ) की रिवायतों में चिंतन और गहन अध्ययन को हौज़ा-ए-इल्मिया की शोध गतिविधियों में अधिक गंभीरता से शामिल किया जाना चाहिए। इन धार्मिक स्रोतों का गहराई से अध्ययन और शोध किया जाना भी आवश्यक है।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha