हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हौज़ा इल्मिया सीस्तान और बलूचिस्तान के निदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रमज़ानी ने ज़ाबुल शहर में शिक्षा विभाग से जुड़े छात्र-शिक्षकों की एक बैठक को संबोधित करते हुए नई पीढ़ी के प्रशिक्षण में छात्रों की भूमिका के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा असली पूंजी यही जनता है; यही युवा और बच्चे हैं जो आज समाज में मौजूद हैं और संभव है कि मस्जिद, इमामबाड़े, स्कूल, विश्वविद्यालय या विभिन्न सामाजिक वातावरण में हमारा उनसे संपर्क हो।
उन्होंने कहा कि कभी हम वक्ता के रूप में, कभी प्रचारक के रूप में और कभी शिक्षक के रूप में इस मूल्यवान मानव पूंजी से जुड़े होते हैं। यह हमारे लिए एक महान ईश्वरीय अवसर है, जिसकी हमें कद्र करनी चाहिए।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रमज़ानी ने शिक्षक के पद और जिम्मेदारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अल्लाह ने आपके अधिकार और जिम्मेदारी में एक विशेष पूंजी दी है और वह है विद्यार्थी। विद्यार्थी केवल ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे पाठ्यक्रम की बातें सीखनी हैं, बल्कि वह एक मानवीय और तरबीयती पूंजी है, जिसके व्यक्तित्व निर्माण, विकास और समाज के भविष्य के लिए तैयारी ज़रूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि आप लोगों की दोहरी जिम्मेदारी है। एक ओर आप स्वयं विद्यार्थी हैं और आपको धार्मिक ज्ञान, कुरआन, अहले-बैत (अ.स.) और हौज़वी उलूम की महान पूंजी प्रदान की गई है। दूसरी ओर आप शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जहां अल्लाह ने आपके जिम्मे इससे भी अधिक महत्वपूर्ण पूंजी यानी भविष्य की पीढ़ी के प्रशिक्षण और तरबीयत की जिम्मेदारी सौंपी है।
हौज़ा ए इल्मिया सीस्तान और बलूचिस्तान के निदेशक ने कहा कि जब कोई विद्यार्थी मस्जिद में प्रवेश करके जनता को संबोधित करता है तो उसका सामना ऐसे लोगों से होता है, जो अपने पारिवारिक और तरबीयती माहौल के अनुसार व्यक्तित्व निर्माण के विभिन्न चरणों से पहले ही गुजर चुके होते हैं। लेकिन स्कूल में आपका सामना ऐसे युवाओं से होता है, जिनका व्यक्तित्व, विचार, विश्वास और पहचान अभी निर्माण के चरण में होते हैं। यही कारण है कि आपकी जिम्मेदारी और आपके काम का महत्व दोगुना हो जाता है।
आपकी टिप्पणी