हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली खामेनेई से सड़क चौड़ी करने के लिए मस्जिद को गिराए जाने के संबंध में सवाल किया गया, जिसका जवाब प्रस्तुत है।
सवाल: सड़क चौड़ी करने की यो जना के तहत एक मस्जिद को गिरा दिया गया और उसके पास ही दूसरी मस्जिद बना दी गई। क्या पुरानी मस्जिद की जगह को किसी बोर्ड या निशान के माध्यम से चिह्नित करना जरूरी है? क्या उस स्थान पर भी मस्जिद से संबंधित शरीअत के अहकाम लागू होंगे? उदाहरण के तौर पर, जुनुब (जिस व्यक्ति पर गुस्ल-ए-जनाबत वाजिब हो) का वहां ठहरना हराम होना, उसे नजिस करना हराम होना और निजासत को तुरंत दूर करना वाजिब होना। यदि कुछ लोगों को इसकी जानकारी न हो और वे वहां कूड़ा डाल दें, जिससे उस स्थान की बेअदबी होती हो, तो क्या उन्हें इसकी जानकारी देना वाजिब है?
जवाब: यदि उस स्थान के दोबारा मस्जिद बनने की संभावना नहीं है, तो उस पर मस्जिद के अहकाम लागू नहीं होंगे।
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