हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘बिहार उल अनवार’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام جعفر صادق علیهالسلام:
لاَ یَطْمَعَنَّ اَلْحَسُودُ فِی رَاحَةِ اَلْقَلْبِ.
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
“ईर्ष्या करने वाले व्यक्ति को दिल के सुकून और हृदय की शांति की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।”
बिहार उल अनवार, भाग 70, पेज 252।
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