मंगलवार 13 अक्टूबर 2026 - 18:29
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए शिक्षकों की राय और बुनियादी नीतियों की समीक्षा ज़रूरी

हौज़ा / ईरान के हौज़ा ए इल्मिया के शिक्षा विभाग के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुक़ीमी हाजी ने कहा है कि धार्मिक मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की योजना शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और अध्यापकों की सलाह तथा बुनियादी शैक्षिक नीतियों की समीक्षा के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार एक प्रभावी और गतिशील शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है, साथ ही मदरसों की शैक्षिक परंपराओं और विशेषताओं को सुरक्षित रखना भी है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुक़ीमी हाजी ने शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ एक बैठक में बातचीत करते हुए कहा कि शहीद रहबर के «हौज़ा पेशरव व सरआमद» (प्रगतिशील और अग्रणी हौज़ा) संबंधी घोषणापत्र के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की योजना पर विचार-विमर्श के लिए कई बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकों की सामग्री, पढ़ाई के समय तथा अरबी साहित्य, हदीस और कुरआन जैसे विषयों की समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की समीक्षा से यह बात सामने आई कि पाठ्यक्रम और पढ़ाई के समय में बदलाव करने से पहले शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी सिद्धांतों और समग्र नीतियों पर सहमति बनाना जरूरी है। यदि बुनियादी नीतियां निर्धारित किए बिना पाठ्यक्रम की छोटी-छोटी बातों पर काम शुरू कर दिया जाए, तो बाद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद पैदा हो सकते हैं और विशेषज्ञों की मेहनत प्रभावित हो सकती है।

शिक्षा विभाग के प्रमुख के अनुसार, इस योजना का प्रारंभिक मसौदा पिछले वर्ष सितंबर में हौज़ा इल्मिया की उच्च परिषद को भेजा गया था। इसके बाद एक अन्य शोध संस्थान में तैयार की गई योजना की भी समीक्षा की गई, ताकि दोनों योजनाओं की खूबियों से लाभ उठाते हुए उन्हें एक साथ जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।

उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की राय के आधार पर प्रत्येक बुनियादी सवाल के विभिन्न पहलुओं, उसके समर्थन में दिए गए तर्कों, विरोधी विचारों और आलोचनात्मक बिंदुओं को अलग-अलग संकलित किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि उच्च परिषद नीतियां निर्धारित करते समय सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला कर सके।

मुक़ीमी हाजी ने आगे कहा कि उच्च परिषद के अन्य कार्यों में व्यस्त रहने और वर्ष के अंतिम महीनों की विशेष परिस्थितियों के कारण समीक्षा की प्रक्रिया कुछ समय के लिए प्रभावित हुई थी। हालांकि, अब इस पर दोबारा काम शुरू हो चुका है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों, मदरसों के प्रमुखों और विशेषज्ञता केंद्रों के जिम्मेदार अधिकारियों से परामर्श का सिलसिला भी जारी रहेगा। उनके सुझाव एकत्र करके उच्च परिषद के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षकों और विशेषज्ञों की राय तथा बुनियादी शैक्षिक नीतियों की व्यापक समीक्षा के माध्यम से ऐसी प्रभावी शिक्षा व्यवस्था तैयार की जा सकेगी, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ हौज़ा इल्मिया की शैक्षिक परंपराओं, पहचान और मूल्यवान ज्ञान-विरासत को भी सुरक्षित रखेगी।

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