हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘मीज़ानुल हिकमा’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام رضا علیهالسلام:
مَنْ سَأَلَ اللّهَ التَّوْفِیقَ وَلَمْ یَجْتَهِدْ فَقَدِ اسْتَهْزَأَ بِنَفْسِهِ.
इमाम अली रज़ा (अ.) ने फरमाया:
जो व्यक्ति अल्लाह से सफलता और कामयाबी की तौफीक़ मांगे, लेकिन स्वयं प्रयास न करे, वह अपने आप का मज़ाक उड़ाता है।
मीज़ानुल हिकमा, हदीस संख्या 2790।
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