हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘गेरर उल हिकम’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام علی علیهالسلام:
فَقْدُ الْبَصَرِ أَهْوَنُ مِنْ فِقْدَانِ الْبَصِیرَةِ.
इमाम अली (अ) ने फरमाया:
“आंखों की रोशनी खो देना, अंतर्दृष्टि और सही समझ से वंचित होने की तुलना में अधिक आसान और सहनीय है।”
ग़ेरर उल हिकम, भाग 4, पेज 413।
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