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दिन की हदीसः
धार्मिकइस्लाम: प्रेम और मानवता का धर्म, यहाँ तक कि युद्ध के मैदान में भी
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने एक आदेश-पत्र में युद्ध की स्थिति में भी मानवीय नैतिकता और अधिकारों का पालन करने के सिद्धांत बताए हैं।
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दिन की हदीस
धार्मिकइमाम ज़माना (अ) की ग़ुरबत
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में हज़रत वली-ए-अस्र (अ) की ग़ुरबत और तन्हाई का उल्लेख किया है।
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धार्मिकजनाज़े में शामिल होने वालों का अज्र और सवाब
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में मोमिन के जनाज़े में शामिल होने वालों के लिए इलाही इनाम को बयान किया है।
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धार्मिकसम्मानपूर्ण मृत्यु, अपमानजनक जीवन से बेहतर है
इमाम हुसैन ने एक हदीस में बताया है कि सम्मान और स्वाभिमान को अपमानपूर्ण जीवन पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
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धार्मिकसर्वोच्च भलाई और नेकी
पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में शहादत के महान महत्व का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकशहीदों और नबियों के साथ रहने की आरज़ू
अमीरुल मोमेनीन (अ) ने अपने ख़ुत्बे के एक हिस्से में अल्लाह से आख़रत में सबसे ज़्यादा खुशी मांगी है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकशहादत, अहल-ए-बैत (अ) के लिए सम्मान और गौरव
इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में शहादत को अहल-ए-बैत (अ) के लिए सम्मान और गौरव बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइमाम हुसैन (अ) के कलाम मे मुनाफिक़ की पहचान
इमाम हुसैन (अ) ने एक रिवायत में बताया है कि पैगंबर मुहम्मद (स) के समय में मुनाफिकों की पहचान क्या थी।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअमीरुल मोमेनीन (अ) के कलाम में शहादत का शौक़
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली इब्न अबी तालिब (अ) ने एक रिवायत में शहादत के उच्च स्थान और उसके प्रति अपनी गहरी अभिलाषा का वर्णन किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअहलेबैत (अ) के मक्तब को जीवित रखना
इमाम रज़ा (अ) एक रिवायत में अहलेबैत (अ) के ज्ञान को सीखने और उसे फैलाने की अहमियत पर जोर देते हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहक़ीक़ी मोमिन की निशानियाँ
पैग़म्बर अकरम (स) ने एक रिवायत में सच्चे और हक़ीक़ी मोमिन की दो अहम विशेषताओं को बयान किया है।
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धार्मिकदूसरों की संपत्ति पर नज़र न रखने का प्रभाव
इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में दूसरों के धन और संपत्ति की लालसा छोड़ने को अच्छाइयों और भलाई का मूल स्रोत बताया है।
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धार्मिकगुनाह छोड़ने में सच्ची कोशिश
पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में सबसे अधिक मेहनत करने वाला इंसान उसको बताया है जो गुनाह से दूर रहता है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकसच्चे शिया की पहचान
इमाम हुसैन (अ) ने एक रिवायत में अहले-बैत (अ) के सच्चे शियो के गुणों का वर्णन किया है।
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धार्मिकहज़रत ज़ैनब (स) के दुख पर आँसू बहाने का अज्र
इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (स) ने एक हदीस में हज़रत ज़ैनब (स) की विपत्तियों पर आँसू बहाने के अज्र का उल्लेख किया है।
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) के अज़ादारों का क़यामत के दिन दर्जा
इमाम रज़ा (अ) ने एक हदीस में आशूरा के दिन अज़ादारी करने वालों के क़यामत के दिन के उच्च स्थान का वर्णन किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइमाम हुसैन (अ) की जुदाई में ख़ून के आँसू
इमाम ज़माना, हज़रत महदी (अ) ने ज़ियारत-ए-नाहिया में अपने दादा हज़रत अबा अब्दिल्लाहिल हुसैन (अ) के लिए अपने गहरे दुःख, ग़म और अपार मोहब्बत को व्यक्त करने वाले शब्द कहे हैं।
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) से प्रेम, इंसान के लिए इलाही ख़ैर की निशानी है
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में हज़रत अबा अब्दिल्लाह अल-हुसैन (अ) से मोहब्बत और उनकी ज़ियारत की चाहत को अल्लाह की ओर से मिलने वाली भलाई और बरकत की निशानी बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की ज़ायरीन-ए-इमाम हुसैन (अ) के हक़ में दुआ
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) के उस विशेष करम का उल्लेख किया है जो वह इमाम हुसैन (अ) के ज़ायरीन पर करती हैं।
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धार्मिकअहले-बैत (अ) से मोहब्बत का परिणाम
इमाम हुसैन (अ) ने एक हदीस में अहले-बैत (अ) से मोहब्बत के प्रभावों और बरकतों का उल्लेख किया है।
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धार्मिकमुहर्रम के महीने में अहले-बैत (अ) की मज़लूमीयत
इमाम रज़ा (अ) एक रिवायत में मुहर्रम के महीने में अहले-बैत (अ) पर आए दुःखों और कष्टों का उल्लेख करते हैं।
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) की मुसीबत पर आँसुओं का इनाम
पैगंबर (स) ने एक रिवायत में हज़रत अबू अब्दिल्लाह अल-हुसैन (अ) की मुसीबत पर आँसुओं के इनाम का ज़िक्र किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकगरीब और अमीर के साथ समान सम्मान
इमाम रज़ा (अ) ने एक रिवायत में इंसानों की गरिमा बनाए रखने और लोगों के साथ व्यवहार में भेदभाव से बचने पर ज़ोर दिया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिककिसी मोमिन की समस्या का समाधान करना
इमाम रज़ा (अ) ने एक रिवायत में मोमिनों की समस्याओं को दूर करने के प्रतिफल का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहज़रत ज़हरा (स) की तस्बीह की फ़ज़ीलत
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की तस्बीह के उच्च स्थान और महान महत्व की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकनमाज़; अल्लाह के नज़दीक सबसे महबूब अमल
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) एक रिवायत में अल्लाह की बारगाह में नमाज़ के विशेष स्थान की ओर संकेत करते हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहिकमत और तक़दीर ए इलाही पर भरोसा
इमाम मूसा काज़िम (अ) ने एक रिवायत में मोमिनों को अल्लाह के बारे में अच्छा गुमान रखने और उसकी हिकमत व प्रबंधन पर भरोसा करने की शिक्षा दी हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकग़दीर का दिन आसमान मे ज़मीन से अधिक मशहूर
एक रिवायत मे इमाम रज़ा (अ) ने ग़दीर की अज़मत की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकमोमेनीन की सबसे बड़ी ईद
इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में मोमेनीन की सबसे बड़ी ईद के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहर काम को उसके पनपने से पहले प्रकट कर देने का परिणाम
इमाम हादी (अलैहिस्सलाम) ने कामों के सुदृढ़ होने से पहले उन्हें प्रकट करने की आफत की ओर इशारा किया है।