रविवार 11 जनवरी 2026 - 09:16
दंगो और फ़साद मे कैसे रहें?

हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत मे दंगो और फ़साद मे रहने की स्थिति को बयान किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत नहजुल बलाग़ा किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

قَالَ (علیه السلام)

کُنْ فِی الْفِتْنَةِ کَابْنِ اللَّبُونِ، لَا ظَهْرٌ فَیُرْکَبَ وَ لَا ضَرْعٌ فَیُحْلَبَ

अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमायाः 

दंगो और फ़साद मे दो वर्षीय ऊंट के बच्चे की तरह हो जाओ, ना उसके कमर है जो उस पर सवार हुआ जा सके, और ना उसके थन है जिनसे दूध निकाला जा सके।

नहजुल बलाग़ा, हिकमत 1

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha