मंगलवार 25 फ़रवरी 2025 - 16:18
मौलाना सय्यद नईम अब्बास आबदी ने हमेशा समाज सुधार को अपना जीवन का उद्देश्य बनायाः मौलाना सय्यद आदिल मंज़ूर

हौज़ा / इल्म और अमल के प्रतीक विनम्र स्वभाव वाले, गंभीर और सम्मानित वक्ता, महान शिक्षक और मदरसा जामिअतुल मुन्तज़िर, नौगावां के पूर्व निदेशक हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद नईम अब्बास आबदी नौगानवी साहब का निधन इल्मी और धार्मिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इस्लामी ज्ञान और तहरीक के एक रौशन सितारे सादगी और विनम्रता के प्रतीक समाज सुधार के सच्चे हामी महान विद्वान, बेहतरीन अध्यापक और मदरसा जामेअतुल मुन्तज़र, नौगावां सादात के पूर्व प्रधानाध्यापक हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद नईम अब्बास आबिद नौगांवी के इंतेक़ाल की ख़बर गहरे रंज और ग़म का सबब बनी।

मौलाना साहब ने अपनी पूरी जिंदगी इस्लामी तालीमात के फरोग़ और समाज की इस्लाही तरबियत के लिए वक्फ कर दी उनकी तक़रीरें इल्म और हिकमत से भरपूर होती थीं जो मज़हबी जोश के बजाय साइल की शनाख़त और उनकी इस्लामी बुनियादों पर हल पेश करने का केंद्र हुआ करती थीं।

वह एक सच्चे दीनदार और नेक सीरत इंसान थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी इस्लाम की खिदमत और नई नस्ल की तरबियत में गुज़ारी,उनका इंतकाल सिर्फ एक शख्स की रुखसती नहीं, बल्कि इल्मी, दीनी और इस्लाही दुनिया का एक बड़ा नुकसान है।

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूम को जवार-ए-आइम्मा-ए-ताहिरीन अ.ल. में आला मुक़ाम अता फरमाए उनके इल्म और अमल को सदक़ा-ए-जारीया बनाए और उनके अहले खानदान, शागिर्दों और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील और अज्र-ए-अज़ीम अता फरमाए। आमीन

सय्यद आदिल मंज़ूर जौनपुरी

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