मंगलवार 6 जनवरी 2026 - 16:08
ह़रम ए हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा में आमाल-ए-उम्मे दाऊद का आयोजन

हौज़ा / क़ुम मुक़द्दस,ह़रम हज़रत फ़ातेमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा में आमाल-ए-उम्मे दाऊद का एहतेमाम किया गया, जिसमें ज़ायरीन और मोमनीन ने बड़ी संख्या में शिरकत की।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ह़रम ए हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के इमाम ख़ुमैनी (रह.) हॉल में आमाल-ए-उम्मे दाऊद बड़े ही एहतेमाम के साथ मुनक़िद हुए। इस रूहानी इज्तिमा में क़ुरआन-ए-मजीद की तिलावत और दुआओं की क़िराअत के ज़रिये मानवी फ़िज़ा क़ायम की गई, जिससे ज़ायरीन और मुक़ामी अफ़राद के दिलों में ख़ुशूअ-ओ-ख़ुज़ूअ पैदा हुआ।

इस मौक़े पर अक़वामी शोहरत-याफ़्ता क़ुर्रा ने क़ुरआन-ए-मजीद की तिलावत की, जिसे हाज़िरीन ने निहायत तवज्जोह और अकीदत के साथ सुना। इसके बाद दुआ-ए-उम्मे दाऊद की पुरसोज़ क़िराअत की गई, जिसमें शरीक अफ़राद ने बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर अपनी हाजात और उम्मत की फ़लाह के लिए दुआएँ मांगीं।

प्रोग्राम के दौरान शबिस्तान-ए-इमाम ख़ुमैनी पूरी तरह इबादत-गुज़ारों से भरा रहा और फ़िज़ा ज़िक्र-ए-इलाही और दुरूद-ओ-सलाम से मुअत्तर रही। ज़ायरीन ने इस रूहानी इज्तिमा को दिलों की पाकीज़गी, रूहानी सुकून और अल्लाह तआला से क़ुर्ब हासिल करने का एक क़ीमती मौक़ा क़रार दिया।

मुनज़्ज़िमीन के मुताबिक़ आमाल-ए-उम्मे दाऊद के इनइक़ाद का मक़सद दीनी शऊर को फ़रोग़ देना, दुआ-ओ-इबादत की अहमियत को उजागर करना और अहले-बैत अलैहिमुस्सलाम से वाबस्तगी को मज़ीद मज़बूत करना है। शोरका ने इस बाबरकत प्रोग्राम के इनइक़ाद पर मस्सरत का इज़हार करते हुए ऐसे रूहानी और मानवी प्रोग्रामों के तसल्सुल की ख़्वाहिश ज़ाहिर की।

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