मंगलवार 11 अगस्त 2026 - 16:22
अमेरिका ने कूटनीति के बजाय प्रतिबंधों को अपना हथियार बनाया

हौज़ा / ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि जब वॉशिंगटन कूटनीति के माध्यम से अपने उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहता है, तो ईरान पर नए प्रतिबंध लगा देता है। हालांकि, दबाव और आर्थिक घेराबंदी के जरिए ईरान को झुकाया नहीं जा सकता।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अमेरिकी वित्त मंत्री के ईरान का आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए “गला घोंटने” संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

इस्माइल बक़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री ने आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान का “गला घोंटने” की कोशिश पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने इसे न केवल दुखद बताया, बल्कि अमेरिकी शासन व्यवस्था में प्रतिबंधों के प्रति बढ़ती निर्भरता का स्पष्ट संकेत भी बताया।

उन्होंने कहा कि जब भी वॉशिंगटन को लगता है कि वह कूटनीति के माध्यम से अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं है, तो वह प्रतिबंधों का सहारा लेता है। और जब प्रतिबंध अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाता, तो उनकी तीव्रता और बढ़ा दी जाती है।

ईरानी प्रवक्ता के अनुसार,यह अब केवल राजनीति नहीं, बल्कि एक आदत बन चुकी है। इससे भी अधिक खतरनाक बात यह है कि यह ऐसी लत बन गई है, जिसने सोच-विचार और तर्कसंगत फैसलों की जगह ले ली है।

बक़ाई ने आगे कहा कि ईरान ने पिछले कई दशकों के दौरान साबित किया है कि पुरानी धमकियों, कड़े बयानों और अमानवीय दबाव के जरिए उसे घुटने टेकने के लिए मज़बूर नहीं किया जा सकता।

उन्होंने चेतावनी दी कि असली खतरा यह है कि अमेरिकी राजनेता प्रतिबंधों की इस नीति में इतने उलझ जाएं कि उनके द्वारा पैदा किए गए संकट से अपेक्षाकृत कम अपमानजनक तरीके से निकलने के अपने आख़िरी अवसर भी गंवा दें।

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