हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत ‘मुस्तदरकुल वसाइल’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
رسول خدا صلیاللهعلیهوآله:
اللَّهُ أَفْرَحُ بِتَوْبَةِ الْعَبْدِ مِنَ الْعَقِیمِ الْوَالِدِ وَمِنَ الضَّالِّ الْوَاجِدِ.
रसूले अकरम (स) ने फ़रमाया:
“अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से अधिक खुश होता है, जो निःसंतान होने के बाद संतान प्राप्त करे, और उस व्यक्ति से अधिक खुश होता है जो अपनी खोई हुई वस्तु को पा ले।”
मुस्तदरकुल वसाइल, भाग 17, पेज 126।
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