हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत तोहफ़ुल उकूल किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام کاظم علیهالسلام:
مَثَلُ الدُّنْیَا مَثَلُ مَاءِ الْبَحْرِ، کُلَّمَا شَرِبَ مِنْهُ الْعَطْشَانُ ازْدَادَ عَطَشًا حَتَّی یَقْتُلَهُ.
इमाम काज़िम (अ) ने फ़रमाया:
दुनिया की मिसाल समुद्र के पानी जैसी है। प्यासा इंसान जब भी उसमें से पानी पीता है, उसकी प्यास और बढ़ जाती है, यहां तक कि वही उसे हलाक कर देती है।
तोहफ़ुल उक़ूल, पेज 292।
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