शनिवार 12 सितंबर 2026 - 10:36
अमेरिका ज़ोर-ज़बरदस्ती में नाकाम होकर जनता की अर्थव्यवस्था पर हमला कर रहा है। ईरानी राष्ट्रपति

हौज़ा / इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पिज़ेशकियान ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र किसी भी तरह की ज़ोर-ज़बरदस्ती के सामने सिर नहीं झुकाएगा। उन्होंने कहा कि दुश्मन ईरानी जनता के सामने नाकाम होने के बाद सैनिकों से लड़ने के बजाय अब जनता की अर्थव्यवस्था को निशाना बना रहे हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , डॉ. मसूद पिज़ेशकियान ने भारत के धार्मिक नेताओं, प्रमुख हस्तियों और व्यापारियों के साथ एक संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए ईरानी जनता के खिलाफ अमेरिका की अधिकतम दबाव की नीतियों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि अमेरिका जब दबाव और ताकत के जरिए ईरानी जनता को झुका नहीं सका, तो अब वह चाहता है कि लोग रोज़गार, रोज़ी-रोटी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण आत्मसमर्पण करने पर मजबूर हो जाएं। लेकिन ईरानी जनता ऐसा नहीं करेगी।

ईरानी राष्ट्रपति ने पश्चिमी शक्तियों के विरोधाभासी रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे युद्ध करना चाहते हैं तो सैनिकों से लड़ें, जनता की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का क्या मतलब है? उन्होंने सवाल किया कि अगर वे इंसानियत के पक्षधर हैं तो फिर जनता के लिए पानी और भोजन के रास्ते क्यों रोके जाते हैं?

उन्होंने कहा कि आखिर किसने तय किया है कि कोई एक सरकार पूरी दुनिया के लिए फैसले कर सकती है और अपनी गलत इच्छाओं को दूसरे देशों पर थोप सकती है? उन्होंने एक न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

डॉ. पिज़ेशकियान ने सभी इंसानों के समान अधिकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी मनुष्य बराबर अधिकार रखते हैं और उन्हें न्याय व इंसाफ के साथ मिल-जुलकर जीवन बिताना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की इच्छा भी यही है, लेकिन कुछ शक्तियां ऐसा नहीं चाहतीं।

ईरानी राष्ट्रपति ने अंत में कहा कि हम अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अत्याचार के सामने सिर नहीं झुकाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी राष्ट्र अपने मानवीय और वैचारिक सिद्धांतों के आधार पर किसी भी दबाव और ज़ोर-ज़बरदस्ती के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha