आदर्श समाज (21)
-
उलेमा और मराजा ए इकरामअल्लामा मिस्बाह यज़दी: अहले बैत (अ) से तवस्सुल व्यवस्था की स्थिरता और समाज की सुरक्षा की गारंटी है
स्वर्गीय अल्लामा मुहम्मद तक़ी मिस्बाह यज़दी ने अहले बैत (अ) से लगातार तवस्सुल करने के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि मोमिनों को अपने हर फैसले और कार्य में हज़रत वली-ए-अस्र इमाम महदी (अ) की ओर…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 65
धार्मिकइमाम महदी (अ) के ज़ुहूर और उनके शासन में महिलाओं की भूमिका और स्थान (भाग-2)
इस्लामी समाज में महिलाओं की भूमिका और ईश्वरीय उद्देश्यों की प्राप्ति के संदर्भ में क़ुरआन करीम में तक़वा, अम्र बिल-मअरूफ़, नही अनिल-मुन्कर, पवित्रता आदि जैसे सामान्य कर्तव्यों का उल्लेख किया…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 63
धार्मिकपश्चिम और महदीवाद (अंतिम भाग)
दुनिया के लोगों के सामने इस्लाम के अंतिम उद्धारकर्ता (मुंजी) का एक क्रूर और भयानक चेहरा पेश करना, एक साझा मिशन है जो पश्चिमी कृतियों - फिल्मों, पुस्तकों, उपन्यासों, खेलों, संगीत और भाषणों - में…
-
धार्मिकशरई अहकाम । समाज में वली-ए-फ़क़ीह द्वारा नियुक्त लोगों के आदेश
हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने "समाज में वली-ए-फ़क़ीह द्वारा नियुक्त लोगो के आदेश" के संबंध में एक पूछे गए सवाल का उत्तर दिया है।
-
भारतहिंदुस्तान के मशहूर खतीब हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना वसी हसन खान ने हिंदुस्तान में रहबर ए इंक़िलाब के प्रतिनिधि की खिदमत में खिराज ए अकीदत पेश की
हौज़ा / हिंदुस्तान के मशहूर ख़तीब हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना वसी हसन खान ने हिंदुस्तान में ईरान के रहबर-ए-इंक़िलाब के प्रतिनिधि आयतुल्लाह डॉक्टर हकीम इलाही की खिदमत में खिराज ए अकीदत…
-
दुनियाईरान के साथ युद्ध से निकलने की अमेरिका कोशिश कर रहा हैं।अलअरबिया नेटवर्क
हौज़ा / अल-अरबिया नेटवर्क के संवाददाता, मोहम्मद अल सय्याद ने रिपोर्ट दी कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध की शुरुआत से ही वाशिंगटन ने तेल अवीव को बड़े पैमाने पर हथियार सहायता प्रदान किया है,…
-
धार्मिकरमज़ान गाइड | नमाज़ और रोज़े की सही-गलत पर हिजाब का असर
किसी गैर-महरम के सामने हिजाब न पहनना गुनाह है, लेकिन इससे नमाज़ और रोज़ा गलत नहीं हो जाता। इसके उलट, नकली नाखून पहनने से वज़ू और नहाने में पानी नहीं पहुँच पाता, जिससे नमाज़, नहाना और नतीजतन रोज़ा…
-
आयतुल्लाह दरी नजफ़ आबादी:
उलेमा और मराजा ए इकरामइंक़ेलाबी नारों के ज़रिए क़ौम की शान दुनिया को दिखाएँ
हौज़ा / आयतुल्लाह दरी नजफ़ आबादी, नुमाइंदा-ए-वली-ए-फ़क़ीह ने 22 बहमन की राह-पैमाई में इमाम और शोहदा के आरमानों से तजदीद-ए-बैअत की अहमियत पर ज़ोर देते हुए अवाम से अपील की है कि इंक़िलाबी नारों…
-
धार्मिकइमाम ज़माना और ग़ैबत के दौर में सकारात्मक व नकारात्मक आंदोलनों का क़ुरआनी दृष्टि से आलोचनात्मक अध्ययन
इस्लामी विचारधारा में इमाम ज़माना (अ.ज.) के ज़ुहूर (प्रकट होने) की अवधारणा सिर्फ़ एक आस्था नहीं है, बल्कि अल्लाह के न्याय के वर्चस्व की एक वैश्विक क्रांति है। इस महान उद्देश्य के नाम पर उठने…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 62
धार्मिकपश्चिम और महदीवाद (भाग - 2)
मीडिया आज की दुनिया में सबसे असरदार टूल्स में से एक है; लोगों पर सीधे असर डालने के अपने काम के अलावा, वे उस कल्चर, नॉर्म्स, क्राइटेरिया और कैरेक्टरिस्टिक्स पर भी असर डाल सकते हैं, जिनके आधार…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 60
धार्मिकगलत सोच के परिणामो मे मुकाबला कैसे करें ?
हौज़ा/ धार्मिक शिक्षाओं के प्रति बहुत ज़्यादा दुश्मनी के बावजूद, महदीवाद पर विश्वास और ध्यान दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। बौद्धिक और भावनात्मक क्षेत्रों में बढ़ती दिलचस्पी और ज़रूरत की भावना, जबकि…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 59
धार्मिकइमाम के उत्तराधिकारी होने के झूठे दावेदार
हौज़ा / यह बात निश्चित है कि जितना कोई विश्वास सच्चाई के करीब होता है और लोगों के दिलों में जगह बना लेता है, उतना ही अधिक स्वार्थी लोग उसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। “महदीवाद” की शिक्षा…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 58
धार्मिकइमाम महदी (अलैहिस्सलाम) के ज़ोहूर से पहले के विद्रोह
हौज़ा/ कुछ लोगों ने कुछ रिवायतो का हवाला देते हुए माना है कि इमाम-ए-वक़्त (अ) के ज़ोहूर से पहले ज़ालिम शासकों के खिलाफ़ कोई भी आंदोलन मना है; इसलिए, वे न्याय की किसी भी मांग का विरोध करते हैं…
-
जामेअतुल मुस्तफा कराची फीमेल सेक्शन के तहत “फातिमी महिलाएं; महदवी सभ्यता की एम्बेसडर” नाम का एक बड़ा सेमिनार हुआ:
दुनियामहिलाओं को पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित हुए बिना महदवी सभ्यता की एम्बेसडर बनना चाहिए, डॉ. सय्यदा तस्नीम मूसवी
हौज़ा/ जामेअतुल मुस्तफ़ा कराची फीमेल सेक्शन के तहत “फातिमी महिलाएं; महदवी सभ्यता की एम्बेसडर” नाम का एक बड़ा सेमिनार हुआ; जिसमें कराची और सिंध के दूसरे शहरों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 57
धार्मिकहज़रत महदी (अलैहिस्सलाम) की तौक़ीआत
हौज़ा / मसलों को तय करने और शक दूर करने का एक तरीका गाइडेंस लेना और हज़रत महदी (अलैहिस्सलाम) के भरोसेमंद लोगों को लिखे गए साइन और मैन्युस्क्रिप्ट से फ़ायदा उठाना है।
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 56
धार्मिकइमाम अलैहिस्सलाम को पहचानने के तरीक़े
हौज़ा / अल्लाह के सामने बंदों का एक ज़रूरी फ़र्ज़ उस मुक़द्दस वुजूद को जानना है। यह जानकारी तब पूरी होती है जब वे अल्लाह के नबियों को - खासकर पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि वसल्लम) को -…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 55
धार्मिकमहदीवाद की चर्चा में सुन्नियों और शियाो के बीच समानताएं
हौज़ा / सुन्नियों ने कई रिवायतो में "महदीवाद के विचार" की सच्चाई का ज़िक्र किया है। हालांकि कुछ मामलों में शिया विश्वास से मतभेद होने के बावजूद कई समानताएं भी हैं।
-
आयतुल्लाहिल उज़्मा नूरी हमदानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामआज का इस्लामी समाज पहले से कहीं अधिक आपसी सुलह और सहिष्णुता का मोहताज है
हौज़ा / मरजा ए तकलीद आयतुल्लाहिल उज़्मा हुसैन नूरी हमदानी ने एक संदेश में ज़ोर देकर कहा कि मौजूदा इस्लामी समाज को अतीत की तुलना में कहीं अधिक इस्लाह ए ज़ात अलबनीन यानी आपसी सुलह, सहिष्णुता और…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 48
धार्मिकइंतेज़ार करने वालो के विशेष कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ
हौज़ा / आजकल ऐसे लोग कम नहीं हैं जो कुछ कारणों से उस इमाम ए ग़ायब में विश्वास नहीं करते और उनकी याद को सामने नहीं रखते तथा इस रास्ते में हर तरह का काम करते हैं। चूँकि संकटों और मुसीबतों में…
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 46
धार्मिकहज़रत महदी (अ) के सच्चे चाहने वालों का दर्जा और सम्मान
हौज़ा / इंतेज़ार के आसार जो लोगों पर खास हालात है, अगर वे हक़ीक़ी इंतेज़ार करने वाले हों, तो वे बहुत ही अहम और बहूमूल्य स्थान और सम्मान रखते हैं।
-
आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 45
धार्मिकशिया संस्कृति में इंतेज़ार का स्थान (भाग -4)
हौज़ा / इ़ंतेज़ार करने से कर्तव्य खत्म नहीं होता और न ही काम को टालने की अनुमति मिलती है। धर्म के कर्तव्यों में ढील और उनका उत्साहपूर्वक पालन न करना बिलकुल उचित नहीं है।