हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने "समाज में वली-ए-फ़क़ीह द्वारा नियुक्त लोगो के आदेश" के संबंध में एक पूछे गए सवाल का उत्तर दिया है। शरई अहकाम मे रूचि रखने वालो के लिए पूछे गए सवाल और उसके जवाब का पाठ प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्रश्न: जो लोग (चाहे सैन्य हों या सरकारी) किसी इस्लामी समाज में वली-ए-फ़क़ीह के द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, क्या उनका भी अपने अधीनस्थों पर उतना ही अधिकार (विलायत) होता है, जितना वली-ए-फ़क़ीह का दूसरों पर होता है?
उत्तर: यदि उक्त लोग अपने आदेश उस क्षेत्राधिकार और अधिकार के आधार पर जारी करते हैं जो उन्हें वली-ए-फ़क़ीह की ओर से प्रदान किया गया है, तो उनके आदेशों का उल्लंघन करना जायज़ नहीं है।
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