हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शहीद आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनेई (र) ने "बच्चों को बातिल अक़ाइद वाले स्कूलों में पढ़ाने" से संबंधित एक पूछे गए प्रश्न का उत्तर दिया है। शरई अहकाम मे रूचि रखने वालो के लिए पूछे गए प्रश्न और उसके उत्तर का पाठ प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्रश्न: क्या बच्चों को ऐसे स्कूलों में भेजना जायज़ है जहाँ कुछ बातिल अक़ाइद पढ़ाए जाती हैं?
उत्तर: बच्चों को ऐसे स्कूलों में भेजना जहाँ कुछ बातिल अक़ाइद पढ़ाए जाते हैं, यदि उनके धार्मिक विश्वासों के संबंध में कोई ख़ौफ़ न हो, और वहाँ बातिल का प्रचार भी न हो, और बच्चे बातिल, भ्रष्ट और गुमराह करने वाली शिक्षाओं से दूर रह सकते हों, तो कोई हर्ज नहीं। अन्यथा इनमें से कोई ख़तरा हो तो जायज़ नहीं है।
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