हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनई ने "विदेशी कपड़ों के आयात, खरीद-फरोख्त और उपयोग" से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया है, जो रुचि रखने वालों के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
विदेशी कपड़ों का आयात तथा उनकी खरीद-फरोख्त और उपयोग
प्रश्न: आजकल विदेशी कपड़ों का आयात करना तथा उन्हें शहरों के अंदर खरीदना-बेचना और उनका उपयोग करना आम हो गया है। पश्चिम के सांस्कृतिक आक्रमण में वृद्धि को देखते हुए इस कार्य का क्या शरई हुक्म है?
उत्तर: कपड़ों का आयात करना, उन्हें खरीदना-बेचना और उनका उपयोग करना केवल इस आधार पर कि वे गैर-इस्लामी देशों से आयात किए गए हैं, कोई शरई समस्या नहीं है।
लेकिन जो कपड़े पहनना शील और इस्लामी नैतिकता के विपरीत हो, या पश्चिमी संस्कृति का प्रचार समझा जाता हो (जो इस्लामी संस्कृति की दुश्मन है), तो उनका आयात करना, खरीदना-बेचना और पहनना जायज़ नहीं है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जाना चाहिए ताकि वे इससे रोकें।
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