हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने "कंप्यूटर और मोबाइल पर ताश खेलने" के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है। शरई अहकाम मे रूचि रखने वालो के लिए पूछे गए सवाल और उसके जवाब का पाठ प्रस्तुत किया जा रहा है।
सवाल: कंप्यूटर और मोबाइल के ज़रिए अकेले ताश खेलने का शरई हुक्म क्या है?
जवाब: अगर खेल दो लोगों के बीच हो तो उसका हुक्म जुए के उपकरणो से खेलने जैसा है (हराम है)। और अगर अकेले खेल रहे हो तो जब तक उसमें कोई बुराई या नुकसान न हो, कोई हरज नहीं।
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