शुक्रवार 14 अगस्त 2026 - 17:48
ईरान की कड़ी चेतावनी /सीरिया सरकार को

हौज़ा / ईरान ने सीरियाई विद्रोहियों को लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करने से चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने धमकी दी है कि यदि ऐसी कोई कार्रवाई की गई तो सीरिया में 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , लेबनानी समाचार वेबसाइट «यूनिन्यूज़» ने जानकार सूत्रों के हवाले से बताया कि, ईरान ने लेबनान में सीरियाई विद्रोहियों के संभावित सैन्य हस्तक्षेप की उस योजना को विफल कर दिया है, जिसे कथित तौर पर अमेरिका के अनुरोध पर तैयार किया जा रहा था। ईरान ने दमिश्क़ को सीधे संदेश भेजकर चेतावनी दी है कि, लेबनान की धरती पर किसी भी सैन्य प्रवेश का जवाब सीरिया के भीतर और उसकी सीमाओं पर कई मोर्चे सक्रिय करके दिया जाएगा।

यूनिन्यूज़ के अनुसार, ईरान की चेतावनी में सीरिया-इराक़ सीमा को सक्रिय करना, होम्स में संघर्ष का नया मोर्चा खोलना, सीरिया के तटीय इलाकों में अलवी समुदाय की गतिविधियों का समर्थन करना और कुर्दों को अलेप्पो के आसपास के इलाकों में फिर से सक्रिय होने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल था।

यह चेतावनी केवल दमिश्क़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि अंकारा, बग़दाद, दोहा और रियाद तक भी पहुंचाई गई। संदेश स्पष्ट था कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ सीरिया की कोई भी सैन्य कार्रवाई केवल बेका घाटी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीरिया के भीतर व्यापक क्षेत्रीय टकराव का रूप ले सकती है।

इस तरह ईरान ने सीरिया के संभावित लेबनान हस्तक्षेप को अमेरिका की ओर से पेश किए जा सकने वाले एक सैन्य विकल्प के बजाय एक बेहद महंगे क्षेत्रीय दुस्साहस में बदल दिया। रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान में अमेरिकी दूतावास से जुड़े कुछ लोग जिस योजना को बढ़ावा दे रहे हैं, उसमें सीरियाई सशस्त्र इकाइयों को अल-मसना सीमा चौकी से होते हुए लेबनान की बेका घाटी के श्तौरा और फिर ज़हले शहर की ओर भेजना शामिल है। इसके साथ ही पूर्वी पहाड़ी इलाकों से बआलबेक की दिशा में भी सैन्य गतिविधि की योजना बताई गई है।

प्रस्तावित योजना में त्रिपोली शहर को भी सीरिया के प्रभाव क्षेत्र के रूप में घोषित करने की बात शामिल है। इसके तहत आगे बढ़ने वाली सेनाएं, विशेष रूप से कुछ सुन्नी बहुल इलाकों का इस्तेमाल कर सकती हैं। इस कथित अभियान का उद्देश्य बेका घाटी में हिज़्बुल्लाह के मिसाइल ढांचे को नुकसान पहुंचाना तथा संगठन पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बनाकर उसे पीछे हटने और नई सुरक्षा व्यवस्था स्वीकार करने के लिए मजबूर करना बताया गया है।

यूनिन्यूज़ ने कहा कि इस घटनाक्रम के कारण कुछ क्षेत्रीय पक्षों को इस योजना की संभावित कीमत पर दोबारा विचार करना पड़ा है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि गहरे सैन्य और राजनीतिक बदलावों के बाद सीरिया के लिए एक और गृहयुद्ध झेलना मुश्किल माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के माध्यम से दमिश्क़ तक पहुंचाई गई ईरान की चेतावनी में मिसाइल हमले की धमकी भी शामिल थी। कथित तौर पर यह हमला दमिश्क से शुरू हो सकता है और पहले चरण में 100 से अधिक रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है, जिनमें सीरिया का राष्ट्रपति भवन भी शामिल बताया गया है।

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