हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने नाबालिग बच्चों द्वारा इंटरनेट और वर्चुअल स्पेस में लेन-देन के संबंध में पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया है, जिसे पाठकों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
* नाबालिग बच्चों का ऑनलाइन लेन-देन
सवाल: क्या नाबालिग बच्चे का इंटरनेट के माध्यम से लेन-देन, जैसे इंटरनेट पैकेज या सीडी खरीदना, उसके लिए उस वस्तु का मालिकाना हक पैदा करता है? यदि कोई बच्चा, चाहे वह समझदार हो या समझदार न हो, दुकान से कोई सामान खरीदता है, तो इस संबंध में शरीयत का क्या हुक्म है?
जवाब: नाबालिग बच्चे का लेन-देन सही नहीं है, भले ही उसके पिता या दादा ने उसे लेन-देन करने की अनुमति दी हो। लेकिन यदि बच्चा समझदार है और वह ऐसी कम कीमत वाली वस्तु की खरीदारी करता है, जिसे आम तौर पर बच्चे खरीदते हैं, तथा लेन-देन की अन्य सभी शर्तों का भी पालन किया गया हो, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। इस मामले में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी के बीच कोई अंतर नहीं है।
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