हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “उसूले काफ़ी” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام سجاد علیهالسلام:
عَجَـبا لِلْمُتَکَـبِّرِ الْفَخـُورِ، الذّی کانَ بالاَْمْسِ نُطْفَةً ثُمّ هُوَغَدَا جیفَةٌ.
इमाम सज्जाद (अ) ने फ़रमाया:
“उस घमंडी और शेखी बघारने वाले इंसान पर आश्चर्य है, जो कल एक नुत्फ़ा था और कल वह सड़ा-गला मुर्दार बन जाएगा।”
उसूले काफ़ी, भाग 4, पेज 20
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