हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , कर्बला स्थित अल-ज़हेरा स.ल. विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक और शैक्षणिक कर्मचारियों तथा कुछ छात्राओं की भागीदारी से अज़रबैजान गणराज्य की छात्राओं के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया।
छात्राओं ने अज़रबैजान की मुस्लिम स्कूली छात्राओं का समर्थन करते हुए शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्वीकार किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने और अपनी इस्लामी पहचान बनाए रखने के अधिकार पर ज़ोर दिया।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की अध्यक्ष ज़ैनब अल-मुल्ला अस-सुल्तानी ने भी भाषण दिया। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक अनुष्ठानों के पालन के अधिकार का सम्मान करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने उन सभी उपायों को अस्वीकार किया जो छात्राओं के हिजाब पहनने के अधिकार को सीमित करते हैं।
उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करने तथा उनकी आस्था और पहचान को खतरे में डाले बिना उन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने का अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुस्लिम छात्राओं के अधिकारों के प्रति विश्वविद्यालय का समर्थन व्यक्त करना और इस बात पर ज़ोर देना था कि धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक मामलों में व्यक्तिगत निजता का सम्मान ऐसे अधिकार हैं, जिनकी शैक्षणिक संस्थानों में रक्षा की जानी चाहिए।
पवित्र शहर कर्बला में यह पहल अज़रबैजान में अक्टूबर महीने में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई। ये प्रदर्शन स्कूलों की नई वर्दी संबंधी नियमावली लागू किए जाने के बाद हुए थे, जिसने सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने को लेकर विवाद पैदा कर दिया था।
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