हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘ग़ेरर उल हिकम’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین علیهالسلام:
الطُّمَأْنِینَةُ إِلَی کُلِّ أَحَدٍ قَبْلَ الاِخْتِبَارِ مِنْ قُصُورِ الْعَقْلِ.
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमया:
किसी व्यक्ति को परखे बिना उस पर भरोसा कर लेना अल्पबुद्धि की निशानी है।
ग़ेरर उल हिकम, हदीस 198।
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